आयुर्वेद उपचार का पद्धति नहीं, बल्कि संतुलित जीवन का दर्शन-राज्यपाल

आयुर्वेद भारत की अमूल्य और परंपरा जीवन का प्रतीक है.

पंचतत्व सेवा संगठन का वार्षिकोत्सव समारोह 5हैज3में- कार्यक्रम का उदघाटन करते राज्यपाल, विधायक व अन्य 5हैज4में- उपस्थित लोग 5हैज5में- मुक्ति सेवा संस्थान के सचिव को सम्मानित करते राज्यपाल. तसवीर दिलीप वर्मा की हजारीबाग. आयुर्वेद भारत की अमूल्य और परंपरा जीवन का प्रतीक है. यह रोग के उपचार का सिर्फ पद्धति नहीं, बल्कि संतुलित और स्वास्थ्य जीवन का दर्शन है. आयुर्वेद हमें सिखाता है कि स्वस्थ केवल शरीर का नहीं बल्कि प्रकृति, मन और आत्मा का सामंजस्य का विषय है. यह बातें राज्यपाल संतोष गंगवार ने पंचतत्व सेवा संगठन के वार्षिकोत्सव समारोह में बोल रहे थे. यह कार्यक्रम पैराडाइज रिसॉर्ट में हुआ. उन्होंने कहा कि हमारे लिए गर्व का विषय है कि आयुर्वेद की स्वीकारिता विश्व में बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आयुर्वेद की चिकित्सा प्रणाली को सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्वतंत्र आयुष मंत्रालय की स्थापना किया है. जहां आयुर्वेद के अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. राज्यपाल ने कहा कि समाजसेवा से बड़ा कोई काम नहीं है. समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब सभी व्यक्तियों को समान अवसर मिले. अपने लिए सभी जीते हैं. जो दूसरे के लिए जीते हैं उन्हें दुनिया याद करता है. उन्होंने कहा कि पंचतत्व सेवा संस्थान जरूरतमंदों को निशुल्क सेवा व प्रोत्साहन परामर्श दे रहा है. शिक्षा वह शक्ति है, जो अंधकार को मिटा देता है और आत्म निर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाता है. देश में विकास तेजी से हो रहा है. ऐसे में हमें परंपरा और संस्कृति से जुड़े रहने की जरूरत है. विधायक प्रदीप प्रसाद ने लोगों से अपील की कि आयुर्वेद पर भरोसा करें. राज्य में इलाज के लिए 500 रुपये नहीं रहने पर लोगों की जाने जा रही है. हजारीबाग में मजबूरी का व्यवसाय फल फूल रहा है. नर्सिंग होम की बाढ़ आ गयी है. संस्था के अध्यक्ष अनुज कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया. इसके पूर्व राज्यपाल संतोष गंगवार, विधायक प्रदीप प्रसाद ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. पंचतत्व सेवा संगठन की ओर से पत्रकारिता, पर्यावरण, बालिका शिक्षा, प्रौढ़ शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम करनेवाले लोगों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया. मुक्ति सेवा संस्थान के नीरज पासवान को लावारिश लाश को सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने के लिए सम्मानित किया गया. मौके पर संस्था के रवि गटुमल, अंकुर सक्सेना सहित संस्थान के अन्य सदस्य उपस्थित थे.

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Author: VIKASH NATH

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