डीजीएम हत्याकांड: दिनदहाड़े हुई हत्या से सहमे और स्तब्ध हैं लोग हजारीबाग. डीजीएम कुमार गौरव की मौत से जुड़ी घटना ने एनटीपीसी के अधिकारियों को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना को लेकर सभी दुखी और स्तब्ध हैं. सुबह से शाम तक हजारीबाग फतहा बड़कागांव रोड में डीजीएम गोली कांड चर्चा में है. घटना को लेकर चश्मदीदों ने प्रभात खबर को बताया. डीजीएम सुबह 9.10 बजे घर से ऑफिस के लिए निकले थे चश्मदीद डीजीएम के वाहन में बैठे मो जावेद आलम ने बताया कि सुबह करीब 9.10 बजे मटवारी श्रीधर अपार्टमेंट से डीजीएम कुमार गौरव के साथ केरेडारी कोल माइंस प्रोजेक्ट के लिए निकले थे. मो जावेद ने बताया कि मैं कोल प्रोजेक्ट के कैमिस्ट संवेदक हूं. डीजीएम साहब स्कार्पियो के बीच वाली सीट मे बैठे थे. मैं वाहन के अगली सीट चालक के बगल मे बैठा था. अचानक डीजीएम साहब चिल्लाये. पीछे मूड़ कर देखा, तो डीजीएम साहब उल्टियां कर रहे थे. मैं चालक को वाहन रोकने कहा और बोतल खोल कर पानी दिया, तभी देखा कि वाहन में डीजीएम साहब के बगल वाला शीशा टूटा हुआ है, फिर डीजीएम साहब के मुंह से खून निकलने लगा. हमलावर फैंसी हेलमेट पहने हुए थे : एनटीपीसी के सीनियर एचआर ऑफिसर मृणाल आनंद घटना के तुरंत बाद पहुंचे. उन्हाेंने बताया कि एक बाइक पर सवार दो लोग मैदान की ओर भाग रहे थे. दोनों बाइक सवार फैंसी हेलमेट लगाये हुए थे. मेरा वाहन डीजीएम साहब के वाहन से पीछे पीछे चल रहा था. मेरे वाहन में एनटीपीसी के दो महिला कर्मी बैठी हुई थीं. वाहन को तुरंत रोक कर डीजीएम साहब को अस्पताल ले गये. अस्पताल ले जाने के समय उनकी स्थिति गंभीर थी. टायर फटने जैसी दो आवाज सुनायी पड़ी : चश्मदीद टायर दुकान संचालक ने बताया कि सामान्य दिनों की तरह सुबह करीब नौ बजे दुकान खोला था. सुबह 9.30 बजे तक मेरी दुकान में कोई ग्राहक नहीं था. स्टूल पर बैठ कर मोबाइल देख रहा था. अचानक टायर फटने जैसी दो आवाज सुनायी पड़ी. इस तरह की आवाज यहां पर आम बात है. लेकिन लोग रुकी हुई स्कार्पियो की ओर दौड़ रहे थे. पता चला कि यहां पर गोली चली है. पीछे से आ रही स्कार्पियो से लोग उतरे और उन्हें अस्पताल ले गये.
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