हजारीबाग: अंतरराष्ट्रीय हिंदी दिवस पर आर्ष कन्या गुरुकुल में सोमवार को हिंदी भाषा के उत्थान पर चर्चा-परिचर्चा का आयोजन किया गया. अध्यक्षता झारखंड स्वतंत्रता सेनानी के केंद्रीय अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता ने की. उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा ही हमारी पहचान है. सभी को हिंदी का सम्मान करना चाहिए.
संत कोलंबा कॉलेज के प्राध्यापक डॉ शत्रुघ्न पांडे ने कहा कि हिंदी हमारी आत्मा की आवाज है. उन्होंने हिंदी के इतिहास और महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह लोगों को एकसूत्र में पिरोती है. हिंदी सिर्फ भाषा नहीं, बल्कि संस्कृति, पहचान और एकता का प्रतीक है. उन्होंने हिंदी का सम्मान करने, उसे अपनाने और आनेवाली पीढ़ियों तक इसके गौरव को बनाये रखने का आह्वान किया.
हिंदी के महत्व पर हुई चर्चा
समाजसेवी सच्चिदानंद पांडे ने भी हिंदी के उत्थान में योगदान देने का आह्वान किया. झारखंड शिक्षा परियोजना हजारीबाग के संजय तिवारी ने हिंदी में लेखन-वाचन को गर्व की अनुभूति बताया. कन्या गुरुकुल की छात्राओं के साथ शिक्षा और हिंदी साहित्य समेत विभिन्न विषयों पर चर्चा की गयी. हिंदी के महत्व और इसके विभिन्न पहलुओं पर भी विचार रखे गये.
कार्यक्रम में छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
