हजारीबाग : पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को जेपी केंद्रीय कारा से रविवार को दुमका जेल स्थानांतरित कर दिया गया. जेल प्रशासन की इस कार्रवाई पर बड़कागांव विधायक सह पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की पत्नी निर्मला देवी ने कहा कि हजारीबाग जेल से दुमका जेल स्थानांतरण करने की प्रक्रिया सरकार की साजिश है. पूर्व मंत्री की हत्या की साजिश सरकार रच रही है.
कोर्ट ने 25 जनवरी-2017 को योगेंद्र साव का सदर अस्पताल में इलाज कराने का आदेश दिया था. इसके बावजूद इलाज नहीं हुआ. विधायक ने कहा कि योगेंद्र साव तीन अक्तूबर-2016 से जेपी केंद्रीय कारा में बंद हैं. इस क्रम में कई बार जिला प्रशासन की ओर से जेल का निरीक्षण किया गया. कभी योगेंद्र साव के पास से कोई सामान बरामद नहीं हुई हुआ. सीसीए एक्ट निरस्त होने के बाद 12 अप्रैल को नौ नंबर सेल से सिर्फ योगेंद्र साव के पास से बिना सिम का मोबाइल मिलना और कार्रवाई होना साजिश है. विधायक ने आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक रूपम प्रसाद वार्ड इंचार्ज से रुपये की वसूली कर सैकड़ों फोन प्रतिदिन करवाते हैं. जेल से फोन, पेन ड्राइव, बैटरी और चार्जर जब्त होने पर जेल अधीक्षक पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
विधायक ने पत्रकार सम्मेलन कर बताया कि बडकागांव थाना कांड संख्या 225-16, 226-16, 228-16, 135-16 में हाइकोर्ट से योगेंद्र साव को जमानत मिली है. वह जेल से बाहर आनेवाले थे. इसके पहले ही जेल में मोबाइल बरामद कराकर पुन: उन्हें केस में फंसाया गया. विधायक ने कहा कि डीसी को इलाज की जानकारी दी गयी थी. इसके बावजूद पूर्व मंत्री के दुमका जेल स्थानांतरित कर दिया गया. राजद प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर ने कहा कि योगेंद्र साव को दुमका जेल से वापस लाये जाने की मांग जिला प्रशासन से की है. जेल स्थानांतरित करना असंवैधानिक है. सरकार बदले की भावना से कानून विरोधी कार्रवाई कर रही है.
