बरही : बरही चौक का विस्तारीकरण व सुंदरीकरण का कार्य 4.50 करोड़ की लागत से हुआ, लेकिन वक्त के साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता में बरती जा रही खामियां अब उजागर होने लगी है.
गोलचक्कर का बाहरी हिस्सा टूटने के कगार पर है. इस पर लगा टाइल्स उखड़ने लगा है. गोलचक्कर में घास व फूल-पौधे अब तक नहीं लगे हैं. चौक से पूरब अनुमंडलीय अस्पताल तक और पश्चिम में रेलवे ब्रिज तक ओल्ड जीटी रोड को चौड़ा कर फोर-लेन किया गया, लेकिन यहां भी गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया.
अस्पताल से बैक ऑफ इंडिया तक बनी नयी सड़क के हिस्से में निर्माण के समय ही रेत डाला गया था. इस कारण सड़क के उस हिस्से पर वाहनों का आवागमन बाधित रहा. स्थानीय लोगों के अनुसार डिवाइडर की ऊंचाई भी मानक के अनुसार नहीं है.
