तैयारी. शहर को अपराध मुक्त बनाने की कवायद
हजारीबाग : हजारीबाग के शहरी क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाने की योजना शुरू कर दी गयी है. पुलिस प्रशासन की ओर से इसके लिए बीट पुलिसिंग की व्यवस्था हो रही है. इसका रिहर्सल शुरू कर दिया गया है. तैयारी तीन दिनों तक चलेगी. इस दौरान बीट पुलिसिंग की कमियों समेत अन्य बिंदुओं की मॉनिटरिंग खुद एसपी भीमसेन टुटी करेंगे. शहर में आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए क्या-क्या आवश्यकता होगी, इस पर भी काम शुरू कर दिया गया है.
छह सितंबर से बीट पुलिसिंग शुरू कर दी गयी है. बीट पुलिसिंग का कंट्रोल पीसीआर से होगा. इसके लिए पीसीआर को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जायेगा.
14 बीट में बांटा गया शहर : शहर को कुल 14 बीट में बांटा गया है. सभी बीट में 126 पुलिस पदाधिकारी व पुलिस कर्मियों को लगाया गया है. एक बीट में एक दारोगा, दो एएसआइ, छह पुलिसकर्मी और हवलदार को लगाया गया है. प्रति बीट में एकमोटर साइकिल पर दो पुलिसकर्मी गश्त लगायेंगे. सभी बीट में सात पीसीआर वाहनों को लगाया गया है.
सभी वाहनों में जीपीएस लगे हुए हैं. इसके जरिये सभी एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे. बीट में तैनात पुलिसकर्मी की ड्यूटी चार घंटे की होगी. चार-चार घंटे के समय अंतराल में पुलिसकर्मियों का रोटेशन होगा.
आमजनों से दोस्ताना संबंध: अपने अपने बीट में तैनात पुलिस पदाधिकारी व पुलिसकर्मी को लोगो से दोस्ताना संबंध बनाकर कार्य करना सुनिश्चित किया गया है. पुलिस पदाधिकारियों को आदेश दिया गया है कि उन्हें लोगों का विश्वास जीतना होगा. इससे लोगों से पुलिस को मदद मिलेगी.
छोटे मामलों को खुद निबटायेंगे पुलिसकर्मी
बीट पुलिंसिंग में लगे पुलिस पदाधिकारी छोटे मामले का निष्पादन करेंगे. पूर्व से सभी बड़े छोटे मामले की जांच व कार्रवाई थाना स्तर से हुआ करता था. अब थाना स्तर से संज्ञेय अपराध की जांच व कार्रवाई होगी. बीट पुलिसिंग के तहत डोर टू डोर पुलिस जायेगी. बीट के रहनेवालों से पुलिस प्रतिदिन मिलेंगे. उनसे बीट की जानकारी ली जायेगी. वारंट व किसी तरह के नोटिस देने का कार्य बीट पुलिस करेगी.
