जान जोखिम में डाल नदी पार कर स्कूल जाते हैं नौनिहाल

पदमा : प्रखंड के चंपाडीह पारनदी नवप्राथमिक स्कूल के बच्चे जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई करने स्कूल जा रहे हैं. इन बच्चों में पढ़ाई की ललक ऐसी है कि रोजाना जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई के लिए स्कूल जाते हैं. बारिश के बाद नदी में उफान आने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हो […]

पदमा : प्रखंड के चंपाडीह पारनदी नवप्राथमिक स्कूल के बच्चे जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई करने स्कूल जा रहे हैं. इन बच्चों में पढ़ाई की ललक ऐसी है कि रोजाना जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई के लिए स्कूल जाते हैं. बारिश के बाद नदी में उफान आने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
बाढ़ आने पर स्कूल के बच्चों को शिक्षक कंधे पर उठा कर नदी पार कराते हैं. इस दृश्य को देख किसी भी व्यक्ति का मन कांप सकता है. बच्चों के लिए पढ़ाई की सुविधा करनेवाले के दावा करनेवाले सरकार की यह स्थिति पोल खोलती है. नदी पर पुल बनाने के लिए ग्रामीण लोग वर्षों से मांग करते आ रहे हैं. स्कूल तक जाने के लिए यहां सड़क तक नहीं है. बच्चों को नदी पार कर पढ़ाई करने के लिए स्कूल जाना पड़ता है.
कभी भी हो सकता है हादसा : प्रधानाध्यापक
प्रधानाध्यापक कुंवर रविदास ने बताया कि हमेशा बच्चों के साथ कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. जब तक सभी बच्चों को नदी पार नहीं करा दिया जाता है, तब तक चिंता बनी रहती है. छोटे-छोटे बच्चों को कंधे पर उठा कर नदी पार कराना पड़ता है. बरसात में स्थिति भयावह हो जाती है. अचानक पानी बढ़ जाने पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
स्कूल की व्यवस्था पर नहीं है किसी का ध्यान
नदी पार कर स्कूल जाने में असुविधा होने के कारण स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम रहती है. स्कूल की व्यवस्था या बच्चों को होनेवाली परेशानी समेत शैक्षणिक समस्याओं पर आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया. स्कूल के बच्चे सिर्फ अपने भाग्य के भरोसे ही यहां पढ़ाई करते हैं. रास्ता नहीं होने के कारण अभिभावक भी चिंतित रहते हैं. स्थानीय लोगों ने बच्चों के भविष्य एवं जीवन को देखते हुए जल्द नदी पर पुल बनाने की मांग की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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