बाबूलाल, निर्मला, राणा, प्रदीप को पुलिस ने लिया हिरासत में

चिरूडीह कोयला खदान पर खनन कार्य बंद कराने पहुंचे हजारीबाग/बड़कागांव : एनटीपीसी पकरी बरवाडीह कोल माइंस के चिरूडीह कोयला खदान पर गुरुवार दोपहर खनन कार्य बंद कराने पहुंचे जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव, विधायक निर्मला देवी, गौतम सागर राणा समेत कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इन लोगों को खदान से […]

चिरूडीह कोयला खदान पर खनन कार्य बंद कराने पहुंचे
हजारीबाग/बड़कागांव : एनटीपीसी पकरी बरवाडीह कोल माइंस के चिरूडीह कोयला खदान पर गुरुवार दोपहर खनन कार्य बंद कराने पहुंचे जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव, विधायक निर्मला देवी, गौतम सागर राणा समेत कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इन लोगों को खदान से पांच किलोमीटर पहले सोनबरसा नदी के पास हिरासत में लिया गया. इसके बाद बड़कागांव से हजारीबाग पदमा साई सेंटर कैंप जेल ले जाया गया और देर शाम छोड़ दिया गया. इसके पूर्व इन्हें हिरासत में लिये जाने की सूचना मिलते ही चिरूडीह में जुटे ग्रामीण एवं आंदोलनकारियों ने बड़कागांव मुख्य चौक को जाम कर दिया. सभी एनटीपीसी प्रबंधन और सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे.
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पहुंचे थे : पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी बड़कागांव पहुंचे थे.
इनके नेतृत्व में प्रदीप यादव, राजद प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा, विधायक निर्मला देवी, पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, राजद जिला अध्यक्ष भुवनेश्वर पटेल, झाविमो के केंद्रीय नेता मो नइम खान, बुधनारायण यादव, बुद्धिजीवी मंच के संयोजक लखींद्र ठाकुर, सुगन साव, सुराज फाउंडेशन के अध्यक्ष बीके सिद्धार्थ, वीरेंद्र कुमार, सुरेश कुमार साव सहित अन्य खनन कार्य बंद कराने बड़कागांव पहुंचे थे.
कानून को ताक पर रखा, विशेषाधिकार हनन लायेंगे
विधायक प्रदीप यादव ने कहा कि यह सरकार कानून मानने के लिए तैयार नहीं है़ जेल मैनुअल का भी पालन नहीं हो रहा है़ कैंप जेल में पीने का पानी तक नहीं है़ बाथरूम नहीं है़ पूर्व मुख्यमंत्री, विधायकों के साथ सरकार का यह व्यवहार है, तो आम जनता के साथ क्या होता होगा़ इस मामले में विशेषाधिकार हनन लायेंगे़
लाठी के बल पर आंदोलन रोकना चाहते हैं : राणा
राजद के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सागर राणा ने कहा कि किसानों के हित के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन को लाठी के बल पर रोकना चाहती है. लेकिन यह आंदोलन अब पूरे झारखंड के स्तर पर ले जायेगी.
किसानों का आंदोलन पूरे राज्य में ले जायेंगे : बाबूलाल मरांडी
जेवीएम अध्यक्ष व पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भू-रैयतों की लड़ाई 2004 से चल रही है. एनटीपीसी की त्रिवेणी कंपनी पांच गांवों में जहां सड़क बना रही है, वहां के विस्थापितों से कोई बातचीत नहीं की है. यह सरकार विस्थापितों से बिना विचार विमर्श किये ही रैयतों की जमीन कंपनी को सौंप रही है. 2013 के अधिनियम के तहत जमीन का अधिग्रहण हो. श्री मरांडी ने कहा कि बड़कागांव के किसानों की लड़ाई अब पूरे राज्य में लड़ी जायेगी. इस आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाया जायेगा.
राज्य सरकार लाठी के बल पर किसानों की जमीन कॉरपोरेट घरानों को जबरन देना चाहती है. यह किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे.
14 को बड़कागांव में रैयतों के साथ होगी बैठक
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि 14 अगस्त को बड़कागांव के 28 प्रभावित गांवों के रैयतों की ग्रामसभा सह बैठक होगी.
इसमें सर्वसम्मति से पांच-पांच लोगों की सूची बनेगी. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल 16 अगस्त को सीएम रघुवर दास से रांची में भेंट करेगा. उन्हें रैयतों व विस्थापितों की पूरी स्थिति से अवगत कराया जायेगा. श्री मरांडी ने कहा कि यशवंत सिन्हा द्वारा चुने गये रैयतों की सूची को नहीं मानी जायेगी. मुख्यमंत्री के साथ वार्ता के बाद 18 अगस्त को आगे की रणनीति पर चर्चा होगी.

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