प्रशिक्षण के नाम पर गड़बड़ी मामले की जांच शुरू लोकाई बिरहोर टोला पहुंचे जांच टीम के एसडीओ व डीएसडब्ल्यूओबिरहोरों से ली मामले की जानकारी, प्रशिक्षण पूरा देने की बात से उठे सवाल4कोडपी1. लोकाई बिरहोर टोला में जांच के लिए पहुंचे एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार.प्रतिनिधि, कोडरमालोकाई बिरहोर टोला निवासी बिरहोरों को प्रशिक्षण देने के नाम पर हुए लाखों रुपये की गड़बड़ी मामले की जांच शुरू हो गयी है. शुक्रवार को जांच टीम के अधिकारी एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार, डीएसडल्यूओ रेणु बाला बिरहोर टोला पहुंच बिरहोरों से मामले की जानकारी ली. अधिकारियों ने बिरहोरों से अलग-अलग बातचीत की. जिसमें से अधिकतर ने अब बीस दिन का पूरा प्रशिक्षण दिये जाने की बात कही है, जबकि इसके पूर्व बिरहोर मात्र दो-चार दिन ही प्रशिक्षण देने की बात कह रहे थे. यही नहीं प्रशिक्षण देनेवाले प्रशिक्षकों ने भी बातचीत में मात्र दो दिन प्रशिक्षण देने की बात कही थी. अब इस बात से कई सवाल उठ रहे हैं. चूंकि मामले की जांच करीब एक माह बाद शुरू हुई है. ऐसे में इस बीच बिरहोरों को प्रभावित करने का काम कुछ लोगों ने किया. यही कारण रहा कि शुक्रवार को पहुंचे अधिकारियों को बिरहोरों ने प्रशिक्षण के दौरान रांची बस से ले जाने की भी भी बात कह डाली. हालांकि मामले का खुलासा जब हुआ था तब तक बिरहोरों को भ्रमण के लिए रांची नहीं ले जाया गया था. मामले की परत दर परत खुलने पर आरोपों में घिरे रांची के एनजीओ प्रगति एजुकेशन एकेडमी के लोगों ने बिरहोरों को बाद में रांची ले जाने काम किया. हालांकि अधिकारियों द्वारा पूछे जाने पर बिरहोरों ने कहा कि उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान खुद का बनाया खाना खाया था और किसी तरह का मिनरल वाटर पीने के लिए नहीं दिया गया था. बिरहोरों ने स्टाइपेंड राशि दिये जाने के सवाल पर भी मात्र इतना कहा कि उन्हें मात्र पचास-पचास रुपये दिए गये थे. एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार ने कहा कि जांच अभी शुरू हुई है. आगे कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल करनी है. बिल वाउचर की जांच के बाद भी कुछ सामने आयेगा. इसके बाद ही रिपोर्ट बना कर उपायुक्त को सौंपी जायेगी.प्रभात खबर ने किया था खुलासा: लोकाई के बिरहोरों को प्रशिक्षण देने के नाम पर हुए गड़बड़ी मामले का खुलासा प्रभात खबर ने किया था. पीएलवी तुलसी कुमार को सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से यह सामने आया था कि 65 बिरहोरो को मुर्गी पालन, बकरी पालन, सूकर पालन का बीस दिवसीय प्रशिक्षण रांची के एनजीओ के द्वारा मात्र दो-तीन दिन देकर कागजों में दिया गया और प्रशिक्षण तथा खाना के नाम पर करीब आठ लाख से ज्यादा का बिल वाउचर जिला कल्याण विभाग से पास करा लिया गया. मामले में जिला कल्याण पदाधिकारी की भूमिका पर भी बाद में सवाल उठे थे कि आखिर इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे नजर नहीं आयी, जबकि मिनरल वाटर व खाना का बिल ही करीब दो लाख का दिखाया गया था. सितंबर माह में हुए खुलासे के बाद उपायुक्त ने जांच का आदेश देते हुए टीम बनायी थी, मगर पंचायत चुनाव व अन्य कारणों से इसकी जांच ही शुरू नहीं हो पायी थी.
प्रशक्षिण के नाम पर गड़बड़ी मामले की जांच शुरू
प्रशिक्षण के नाम पर गड़बड़ी मामले की जांच शुरू लोकाई बिरहोर टोला पहुंचे जांच टीम के एसडीओ व डीएसडब्ल्यूओबिरहोरों से ली मामले की जानकारी, प्रशिक्षण पूरा देने की बात से उठे सवाल4कोडपी1. लोकाई बिरहोर टोला में जांच के लिए पहुंचे एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार.प्रतिनिधि, कोडरमालोकाई बिरहोर टोला निवासी बिरहोरों को प्रशिक्षण देने के नाम पर […]
