हजारीबाग में कारोबार को आसान बनाने के लिए टैक्स डिपार्टमेंट की पहल, कारोबारियों किया जागरूक

Hazaribagh News: हजारीबाग में स्टेट जीएसटी विभाग ने कारोबारियों को जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित की. इसमें जीएसटी और झारखंड प्रोफेशनल टैक्स से जुड़ी जानकारी, आसान निबंधन प्रक्रिया और समय पर कर भुगतान के फायदे बताए गए. विभाग ने अधिक व्यापारियों को जीएसटी से जोड़ने पर जोर दिया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में राज्य-कर विभाग (स्टेट जीएसटी) व्यवसायियों को कर प्रणाली और निबंधन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है. विभाग की ओर से झारखंड प्रोफेशनल टैक्स (जेपीटी) और जीएसटी से जुड़े नियमों एवं प्रक्रियाओं की जानकारी व्यापारियों तक पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में मंगलवार को हजारीबाग शहरी क्षेत्र स्थित स्वर्णकर भवन सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न छोटे-बड़े कारोबारियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य व्यवसायियों को जीएसटी और प्रोफेशनल टैक्स से संबंधित जानकारी देना तथा उन्हें समय पर निबंधन और कर भुगतान के लिए प्रेरित करना था.

कार्यशाला में कारोबारियों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों ने व्यवसायियों को जीएसटी और जेपीटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी. कारोबारियों को बताया गया कि समय पर कर भुगतान करने से न केवल व्यवसाय कानूनी रूप से सुरक्षित रहता है, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी पारदर्शिता आती है. अधिकारियों ने व्यवसायियों को यह भी समझाया कि जीएसटी प्रणाली से जुड़ने के बाद कारोबार को विस्तार देने में आसानी होती है. इसके अलावा सरकारी योजनाओं और विभिन्न व्यावसायिक सुविधाओं का लाभ उठाने में भी सहूलियत मिलती है. कार्यक्रम में मौजूद व्यापारियों को ऑनलाइन निबंधन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. अधिकारियों ने आसान भाषा में बताया कि किस प्रकार कम समय में सरल प्रक्रिया के माध्यम से जीएसटी निबंधन कराया जा सकता है.

कारोबार को बेहतर बनाने पर जोर

राज्य-कर विभाग का कहना है कि विभाग का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक व्यवसायियों को जीएसटी प्रणाली से जोड़ना है, ताकि कारोबार को संगठित और पारदर्शी बनाया जा सके. अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी से जुड़े कारोबारियों को व्यापार में कई तरह के लाभ मिलते हैं. व्यवसायियों को यह भी बताया गया कि कर नियमों का पालन करने से भविष्य में कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है. साथ ही डिजिटल माध्यम से टैक्स भुगतान और रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया को काफी सरल बनाया गया है. कार्यशाला में मौजूद कई कारोबारियों ने विभाग की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें नई जानकारी मिलती है, जिससे व्यापार संचालन में आसानी होती है.

अधिकारियों ने साझा की निबंधन प्रक्रिया

कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य-कर सहायक आयुक्त बिनोद मिंज और राज्य-कर पदाधिकारी पंकज गोप ने व्यवसायियों को जीएसटी निबंधन की प्रक्रिया समझाई. उन्होंने कहा कि अब निबंधन की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी आसान और सरल हो चुकी है. अधिकारियों ने व्यापारियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और समय पर रिटर्न दाखिल करने की जानकारी दी. साथ ही यह भी बताया गया कि किसी प्रकार की समस्या आने पर विभागीय कार्यालय में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. कार्यक्रम में विभाग के प्रधान लिपिक विजय कुमार सिंह, ऑपरेटर सुमित मिश्रा और नरेश कुमार भी मौजूद थे. इसके अलावा जीएसटी मामलों से जुड़े वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) ने भी कारोबारियों के सवालों का जवाब दिया.

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अधिक से अधिक व्यापारियों को जोड़ने का लक्ष्य

राज्य-कर संयुक्त आयुक्त संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि जिले के सभी कारोबारियों के लिए जीएसटी में निबंधन जरूरी है. उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक व्यवसायियों को जागरूक कर उन्हें जीएसटी प्रणाली से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान के माध्यम से व्यापारियों को यह समझाया जा रहा है कि जीएसटी से जुड़ना केवल कानूनी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि कारोबार को मजबूत और लाभकारी बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि विभाग आगे भी इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन करेगा, ताकि जिले के हर व्यापारी तक सही जानकारी पहुंच सके और व्यवसायिक वातावरण को और बेहतर बनाया जा सके.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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