केरेडारी और चट्टी बारियातु के ट्रांसपोर्टिंग बाधित होने से राज्य सरकार को छह करोड़ रुपये का नुकसान

केरेडारी थाना क्षेत्र के पगार ओपी के जोरदाग मुंडा टोली के पास 2.2 ट्रांसपोर्टिंग सड़क अवरुद्ध होने से राज्य सरकार को करीब छह करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ.

हजारीबाग. केरेडारी थाना क्षेत्र के पगार ओपी के जोरदाग मुंडा टोली के पास 2.2 ट्रांसपोर्टिंग सड़क अवरुद्ध होने से राज्य सरकार को करीब छह करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ. ज्ञात हो कि एक जनवरी की रात पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने इस सड़क पर दीवार खड़ा कर ट्रांसपोर्टिंग कार्य को बाधित कर दिया था. इस सड़क से एनटीपीसी के दो बड़ी कोल परियोजना की कोयला ढुलाई होती है. जिसमें केरेडारी और चट्टी बारियातु कोल परियोजना शामिल है. जानकारी के अनुसार केडी कोल परियोजना से 12 हजार और चट्टीबारियातू कोल परियोजना से दस हजार टन कोयला प्रतिदिन उत्पादन होता है. एक टन में राज्य सरकार को 2444.81 रुपया मिलता है. एनटीपीसी द्वारा कोयला उत्पादन पर राज्य सरकार को 2444.81 रुपये रॉयल्टी के रूप में रूप में मिलता है. जिसमें सेल प्राइज, रॉयल्टी, मैनेजमेंट फी, डीएमएफटी, एनएमइडीटी, जेएमबीएल और मिनरल ट्रांजिट फी शामिल है. इन दोनों परियोजनाओं से प्रत्येक दिन 25 हजार टन कोयला उत्पादन और ढुलाई होती है. दस घंटे तक ट्रांसपोर्टिंग का कार्य बंद होने से राज्य सरकार को करीब छह करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ है. इधर वाहनों के नहीं चलने से वाहन मालिकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. एनटीपीसी की ढुलाई कार्य में एक हजार से अधिक हाइवा व ट्रक लगे हुए हैं. ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद होने से वाहन मालिकों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >