हजारीबाग. लोक नायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा, हजारीबाग में जूट उत्पाद उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया. मुख्य अतिथि जेल अधीक्षक, आरसेटी निदेशक तथा जेएसएलपीएस के डीएम कौशल और डीएम इपी ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षण प्राप्त बंदियों को प्रमाणपत्र प्रदान किये और उनके द्वारा निर्मित जूट बैग, फाइल कवर एवं विभिन्न सजावटी उत्पादों का अवलोकन किया. मंच संचालन आरसेटी के सीनियर ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर बासुदेव कुमार ने किया. आरसेटी निदेशक ने स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण की उपयोगिता बताते हुए कहा कि कौशल विकास से बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है. रिहाई के बाद उन्हें रोजगार अथवा स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलती है. जेएसएलपीएस के डीएम कौशल ने विपणन के संदर्भ में पलाश मार्ट की जानकारी देते हुए बताया कि इस माध्यम से जूट उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है, जिससे प्रशिक्षु भविष्य में अपने उत्पादों की बिक्री कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे. डीएम इपी ने विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रशिक्षुओं को उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया. जेल अधीक्षक ने कहा कि यह पहल बंदियों को नयी पहचान देने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है. प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल उनके पुनर्वास और आत्मनिर्भरता में सहायक सिद्ध होगा.
जेपी केंद्रीय कारा में जूट उत्पाद उद्यमी प्रशिक्षण का समापन
प्रशिक्षुओं में बंटा प्रमाणपत्र
