इचाक. प्रखंड के एनएच-33 पथ इचाक मोड़ से डुमरौन पथ का हाल बेहाल हो गया है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे व कीचड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है. डुमरौन, नवाडीह पंचायत के अलावा गोबरबंदा पंचायत के रूद गांव की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. पथ की स्थिति: इचाक मोड़ से डुमरौन पथ तीन किमी तक काफी जर्जर है. सड़क पर गड्ढे व पत्थर निकल गये हैं. गड्ढे भरने के लिए मिट्टी डालने के कारण पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो गया है. कैसे बनी स्थिति : डुमरौन व भूसवा गांव के समीप 100 से ज्यादा क्रशर संचालित हैं. हर रोज क्रशर मंडी से दर्जनों भारी वाहन छर व बोल्डर लेकर इस रास्ते से आना-जाना करते हैं. भारी वाहन के चलने से सड़क का अधिकांश हिस्सा टूटा गये है व बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. इन गड्ढों को भरने के लिए क्रशर पत्थर खदान मालिकों ने मिट्टी डलवा दिया. पानी पड़ने के बाद पूरी सड़क में कीचड़ ही कीचड़ हो गया है. क्या कहते हैं ग्रामीण: ग्रामीणों का कहना है कि चंद लोगों की वजह से हजारों ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. क्रशर व्यवसाय से तीन पंचायत की आबादी के मात्र पांच प्रतिशत लोग लाभ ले रहे हैं. बाकी ग्रामीण प्रदूषण व परेशानी का शिकार हो रहे हैं.
डुमरौन पथ बदहाल, पैदल चलना हुआ मुश्किल
इचाक. प्रखंड के एनएच-33 पथ इचाक मोड़ से डुमरौन पथ का हाल बेहाल हो गया है. सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे व कीचड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल हो गया है. डुमरौन, नवाडीह पंचायत के अलावा गोबरबंदा पंचायत के रूद गांव की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. पथ की स्थिति: इचाक मोड़ से […]
