बरही. गोल्ड बांड की खरीदारी पर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर फ़्रॉड करने का मामला सामने आया है. इस संबंध में भुक्तभोगी ग्राम चतरो निवासी शिवशंकर पांडेय ने बरही थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. प्राथमिकी में 14 लाख रुपये की ठगी की बात कही गयी है. मामले में शीतलपुर कोलियारी लाइन तीन, जिला वर्द्धमान पश्चिम बंगाल निवासी मंटू साव, अनिल राय, सुरेश पांडेय तथा अजय कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया है. प्राथमिकी के अनुसार अभियुक्त पोकलेन मशीन भाड़ा पर लेने के बहाने पिछले नवंबर माह में शंकर पांडेय से बरही में मिले थे. इसी दौरान शिव शंकर पांडेय को गोल्ड बांड में निवेश कर मोटा धन कमाने का ऑफर दिया. अभियुक्तों ने बताया कि उनके संपर्क के व्यक्ति के पास भारत सरकार द्वारा 1998 में निर्गत गोल्ड बांड है. इस समय उस गोल्ड बांड की बाजार कीमत बढ़कर 12 करोड़ 60 लाख हो गयी है, लेकिन बांड हासिल करने के लिए बांड के ओरिजनल धारक को 33 लाख का भुगतान करना होगा. अभियुक्त शिव शंकर पांडेय को आसनसोल ले गये. वहां एक सेठ व उसके मैनेजर से मिलाया. सेठ ने बांड खरीदने के लिए हामी भरी, पर बांड के ओरिजनल धारक की वंशावली के साथ एनओसी की मांग कर दी. इस पर अभियुक्तों ने वंशावली व एनओसी के लिए शिव शंकर पांडेय से 14 लाख रुपये ले लिये. शिवशंकर पांडेय ने यह रकम कई किस्तों में अभियुक्तों के बताये बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया. उन्होंने 29 दिसंबर को एक लाख, पांच जनवरी 2026 को ढाई लाख, 19 जनवरी 2026 को 50 हजार सहित बीच में कई बार रकम ट्रांसफर किया. 14 लाख मिलने के बाद अभियुक्तों ने गोल्ड बांड का कागजात व रकम की रसीद लाकर शंकर पांडेय को दी. कहा कि 21 लाख रुपये और देने होंगे. इसके बाद ही मूल धारक वंशावली व एनओसी देगा. बाद में शिव शंकर पांडेय ने जब गोल्ड बांड के पेपर व रसीद की जांच करायी, तो वह जाली निकला. बरही पुलिस मामले की जांच कर रही है.
गोल्ड बांड में मुनाफे का झांसा देकर 14 लाख की ठगी
भुक्तभोगी ने चार लोगों के खिलाफ दर्ज करायी प्राथमिकी
