उपमहापौर राजकुमार लाल ने प्रेसवर्ता कर महापौर के आरोप की निंदा की
हजारीबाग : नगर निगम में महापौर और उपमहापौर का विवाद दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है. एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का दौर जारी है. महापौर रोशनी तिर्की ने चार मार्च को प्रेसवर्ता कर उपमहापौर और कार्यपालक पदाधिकारी पर आरोप लगाने के बाद उपमहापौर राजकुमार लाल ने पांच मार्च को प्रेसवर्ता आयोजित कर महापौर रोशनी तिर्की द्वारा लगाये गये आरोप को बेबुनियाद बताया. मंगलवारा को स्वर्ण जयंती पार्क में उपमहापौर ने अपने कई समर्थक वार्ड पार्षदों के साथ प्रेसवार्ता की.
इन्होंने कहा कि निगम में हम सभी विकास के मुद्दे पर काम करना चाहते हैं. महापौर ने मेरे और कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाया है कि आदिवासी महिला होने के कारण काम करने नहीं देते हैं और पद से हटाना चाहते हैं यह आरोप बेबुनियाद और निंदनीय है. इस आरोप को खारिज करते है.
हमलोग भाजपा के कार्यकर्ता हैं. इस तरह की बातें न करते हैं न सोचते हैं और न ही प्रश्रय देते हैं. यह सोचना की हम आदिवासी हैं, इसलिए प्रताड़ित किया जा रहा है. यह समझ से परे है.उन्होंने कहा कि बोर्ड और नगर निगम को जाति से कोई लेना-देना नहीं है और न ही जनता को. जनता को मतलब है विकास से. उपमहापौर ने कहा कि महापौर के बुलावे पर ही सभी वार्ड पार्षद और मैं बोर्ड की बैठक मे शामिल हुए थे. बैठक की सभी एजेंडो की जानकारी महापौर को थी. लेकिन बिना कुछ कहे बैठक स्थगित कर दिया. इस बैठक में 36 वार्ड पार्षदों में से 32 पार्षद शामिल थे. पार्षदो की विनती के बाद भी महापौर बाहर चलीं गयीं.
उन्होने कहा कि बैठक बुलानेवाली महापौर है. एजेंडा तय करने वाली महापौर है और खुद बैठक का बहिष्कार कर जा रहीं हैं और मुझ पर आरोप लगा रही है कि सोची समझी षडयंत्र के तहत महापौर को हटाना चाहते है. उपमहापौर ने कहा बजट पास करना जरूरी था. आनेवाले दिनो मे अचार संहिता लगनेवाली है. बैठक मे उपस्थित वार्ड पार्षदों की राय थी कि एजेंडों पर विचार होना है. इसके लिये नियम संगत सभापति चुन कर बैठक की कार्रवाई पूरी की गयी.
