हजारीबाग : हजारीबाग जिले में पिछले एक साल में 162 लोगों ने आत्महत्या की. वहीं लगभग इतने ही लोगों ने आत्महत्या का प्रयास किया है. आत्महत्या करनेवालों में 19 से 35 वर्ष के युवाओं की संख्या 99 है, जबकि वयस्क से वृद्ध लोगों तक की संख्या 63 है. आत्महत्या के अधिकतर मामले लव अफेयर्स से जुड़े हैं. हजारीबाग में आत्महत्या करने की प्रवृति तेजी से बढ़ रही है. यह सामाजिक चिंता का कारण बन गया है. समाजशास्त्री इसे सामाजिक समस्या का रूप में दे रहे हैं. आत्महत्या के पीछे पारिवारिक तनाव, अकेलापन, सामाजिक उपेक्षा, आर्थिक परेशानी सामने आ रही है.
सबसे अधिक आत्महत्या शहरी क्षेत्रों में
आंकड़ों के अनुसार हजारीबाग में सबसे अधिक आत्महत्या की घटना शहरी क्षेत्रों में घटी है. शहर में 34 लोगों ने खुदकुशी की है. इनमें 30 लोग ऐसे हैं, जो दूसरे शहर या राज्य से आकर यहां रह रहे थे. कटकमसांडी प्रखंड में 12, इचाक में 10, विष्णुगढ़ में नौ, चौपारण में आठ, कटकमदाग में नौ, बरही में सात, डाडी में आठ, चुरचू में सात, दारू में छह, चलकुशा में पांच, बरकट्ठा में तीन, पदमा में तीन, केरेडारी में तीन, बड़कागांव में चार और सबसे कम टाटीझरिया प्रखंड में एक व्यक्ति ने इस साल आत्महत्या की. यह आंकड़ा सदर अस्पताल हजारीबाग और अनुमंडल कार्यालय में दर्ज यूडी केस के आधार पर प्राप्त है. जहर खानेवालों में सबसे अधिक महिलाएं हैं. सदर अस्पताल के आंकडों के अनुसार 85 महिलाओं एवं 75 पुरुष ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया, जिन्हें इलाज के बाद बचा लिया गया.
10 में चार लोग डिप्रेशन के शिकार
बदलती जीवन शैली ने भी लोगों को मानसिक रूप से बीमार किया है. मोबाइल, इंटरनेट, वाट्सएप, फेसबुक के इस्तेमाल ने लोगों की आंकाक्षा को चौगुणा बढ़ाया है. वहीं मेमोरी पॉवर को भी नष्ट किया है. डब्ल्यूएचओ के सर्वें के अनुसार शहरी परिवेश में रहनेवाले 10 में चार लोग डिप्रेशन के शिकार हैं. असंयत व्यवहार, चिड़चिड़ापन, अनाश्वयक बातचीत, बार-बार चीखना, हिंसक होना जैसी प्रवृत्ति इनमें आयी है.
केस स्टडी : एक
बोंगा इचाक स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा सोनालिका ने चार फरवरी-2018 को आत्महत्या कर ली थी. वह वर्ग नौ की छात्रा थी. सहपाठियों के अनुसार शिक्षक की डांट के कारण सोनालिका ने स्कूल कैंपस में आत्महत्या की थी. वह अपने माता-पिता के साथ उक्त कैंपस में रह कर पढ़ाई करती थी. हालांकि विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा था कि छात्रा को प्रताड़ित नहीं किया गया था. वह तनाव में थी.
केस स्टडी : दो
चुरचू प्रखंड के आंगो गांव की महिला मंजू देवी (पति-श्यामलाल महतो) ने महिला थाना के पुलिस कस्टडी में तीन अप्रैल 2018 में आत्महत्या कर ली थी. महिला पर अपने ही पति की हत्या में शामिल होने का आरोप था. इसी आरोप के तहत पुलिस ने मंजू देवी को पूछताछ के लिए थाना लाया था. पूछताछ के दौरान उसने शौच करने के बहाने शौचालय में जाकर आत्महत्या कर ली. यह घटना क्षेत्र के लिए चर्चित थी.
केस स्टडी : तीन
शहर के ड्राइफ्रूट व्यवसायी महावीर महेश्वरी के परिवार के सभी छह सदस्यों ने खजांची तालाब स्थित अपने फ्लैट में 15 जुलाई-2018 को आत्महत्या कर ली. आत्महत्या के तरीके फांसी, छत से कूदना व ब्लेड से गला काटना था. आत्महत्या करनेवालों में नरेश महेश्वरी, पत्नी प्रीति देवी, बेटी अन्वी, बेटा अमन अग्रवाल, मां किरण देवी और पिता महावीर महेश्वरी का नाम शामिल है. पुलिस ने आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी बताया था.
केस स्टडी : चार
पदमा ओपी के अंतर्गत केदारू गांव के इंजीनियरिंग के छात्र प्रमोद यादव ने 22 अक्तूबर-2018 को गांव पास स्थित घिहायी जंगल में पेड़ से फांसी के फंदे में झूल कर आत्महत्या की थी. परिवारवालों ने बताया कि प्रमोद धनबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था. पिछले कुछ दिनों से मानिसक रूप से परेशान था.वह अकेला रहना पंसद कर रहा था. इसी दौरान उसने आत्महत्या कर दी थी.
