विष्णुगढ़. दुबई में फंसे झारखंड के 14 प्रवासी मजदूरों में से 11 मजदूरों की बुधवार को सकुशल वतन वापसी हो गयी. प्रवासी मजदूरों के हित के लिए काम कर रहे समाजसेवी सिकन्दर अली ने मजदूरों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट कोलकाता लेने पहुंचे, जहां मजदूरों को रिसीव कर बस से हावड़ा स्टेशन के लिए निकल पड़े. वतन लौटने के बाद मजदूरों ने कहा कि अगर अपने देश में ही कमाने की बेहतर व्यवस्था हो जाये, तो वह कभी भी विदेश का रुख नहीं करेंगे. देश के हुनरमंद मजदूरों को अच्छा रोजगार नहीं मिलने की वजह से उन्हें मजबूरी में विदेश जाना पड़ता है. मजदूरों के परिजनों ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सारे मीडिया के साथ समाजसेवी सिकंदर अली के प्रति आभार जताया. सभी मजदूर अक्तूबर 2025 को इएमसी कंपनी में ट्रांसमिशन लाइन में काम करने के लिए दुबई गये थे, लेकिन कंपनी के द्वारा मजदूरों के बीच काम के बदले मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा था. इससे मजदूरों को वहां रहने और खाने-पीने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. फंसे मजदूरों ने वीडियो भेजकर अपनी पीड़ा को साझा करते हुए सरकार से मदद की अपील की. प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सिकन्दर अली ने बताया कि रोजी-रोटी के लिए लोग विदेश और परदेश की ओर रूख करते हैं. इस दौरान कई घटनाएं घटित होती हैं, जो काफी दर्दनाक होती है. लौटनेवालों में तिरला के राजेश महतो, अजय कुमार, डालेश्वर महतो, जागेश्वर महतो, सिरंय के बैजनाथ महतो, दिलीप महतो, गंगाधर महतो त्रिलोकी महतो, चकचुको, बसरिया के दीपक कुमार, बरकट्ठा- प्रखंड के गोरहर के रोहित महतो और सेवा महतो शामिल हैं.
दुबई में फंसे झारखंड के 11 मजदूरों की वतन वापसी हुई, देश लौटने के बाद चेहरे पर दिखी खुशी
दुबई में फंसे झारखंड के 14 प्रवासी मजदूरों में से 11 मजदूरों की बुधवार को सकुशल वतन वापसी हो गयी
