घाघरा. घाघरा प्रखंड के झारखंड जनरल कामगार यूनियन से जुड़े भैंसबथान बॉक्साइट माइंस के आक्रोशित मजदूरों ने समय पर वेतन का भुगतान नहीं किये जाने के विरोध में हिंडालको के सेरेंगदाग स्थित कार्यालय में मानव संसाधन पदाधिकारी का घेराव किया. प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि श्रम कानूनों के अनुसार हर महीने की कम से कम 10 तारीख तक मजदूरी का अनिवार्य रूप से भुगतान कर देना चाहिए, लेकिन खनन कंपनी के तानाशाही रवैये के कारण समय पर मजदूरी नहीं दी जा रही है. इससे मजदूरों के समक्ष आर्थिक परेशानी उत्पन्न हो जाती है, जिसका सीधा और बुरा प्रभाव उनकी रोजमर्रा की जिंदगी तथा बच्चों के पठन-पाठन पर पड़ रहा है. यूनियन के जिलाध्यक्ष सह केंद्रीय उपाध्यक्ष सनिया उरांव ने प्रबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि हम सभी जमीन दाता रैयत मजदूर हैं. इसके बावजूद खनन कंपनी हमें स्थायी नौकरी देने की बजाय हमसे दिहाड़ी मजदूर की तरह काम लेती है. उन्होंने कहा कि इतनी कम मजदूरी के बाद भी कंपनी समय पर भुगतान तक नहीं करती है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. घेराव व विरोध प्रदर्शन में तेंबू उरांव, राजेंद्र उरांव, सुदर्शन भगत, राजदेव उरांव, तेतला उरांव, बंधु महली, हरिश्चंद्र उरांव आदि शामिल थे.
मजदूरों ने हिंडालको सेरेंगदाग कार्यालय का किया घेराव
समय पर वेतन का भुगतान नहीं किये जाने का विरोध
