मालम में लकड़ी की पुलिया टूटी, आदिम जनजाति बहुल 10 गांवों के लोगों की समस्या बढ़ी

गुमला जिला के चैनपुर प्रखंड के मालम गांव के समीप लकड़ी की पुलिया बारिश के कारण टूट गयी है. हालांकि, अभी पुलिया का आधा हिस्सा ही टूटा है. जल्द ही इसकी मरम्मती नहीं करवायी गयी, तो पूरी पुलिया टूटकर धंस जायेगी. अभी टूटी हुई पुलिया से ही लोग जान हथेली पर रखकर सफर करने को विवश हैं.

चैनपुर : गुमला जिला के चैनपुर प्रखंड के मालम गांव के समीप लकड़ी की पुलिया बारिश के कारण टूट गयी है. हालांकि, अभी पुलिया का आधा हिस्सा ही टूटा है. जल्द ही इसकी मरम्मती नहीं करवायी गयी, तो पूरी पुलिया टूटकर धंस जायेगी. अभी टूटी हुई पुलिया से ही लोग जान हथेली पर रखकर सफर करने को विवश हैं.

इस पुलिया से होकर 10 गांव के ग्रामीण आते-जाते हैं. आदिम जनजाति गांव के लोगों का आवागमन भी इसी पुलिया से होता है. पुलिया टूटने के बाद लोगों को आने-जाने में दिक्कतें हो रही हैं. अगर किसी को एक गांव से दूसरे गांव जाना रहता है, तो सावधानी बरतते हुए नहीं गये, तो कभी भी उनके साथ हादसा हो सकता है.

अब तक लोग बेहद सावधानी से पुलिया को पार कर रहे हैं. पुलिया टूटने से कतारीकोना, कोल्हूकोना, गनीदारा, उमापाठ, सनईटांगर, गाढ़ापाठ सहित 10 गांवों के लोग प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने बताया कि मालम से होकर 10 गांव के लोग सफर करते हैं.

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लोगों ने बताया कि मालम गांव के समीप एक नाला है, जो करीब 20 फुट गहरा है. इस नाला के ऊपर पुलिया का निर्माण लंबे समय से लोग करते रहे हैं. परंतु सरकार व प्रशासन ने कभी इस ओर ध्यान ही नहीं दिया.

अंतत: थक-हारकर पांच साल पहले ग्रामीणों ने श्रमदान करके मालम नाला के समीप लकड़ी की पुलिया का निर्माण किया. उसी से आवागमन करने लगे. परंतु बारिश में एक सप्ताह पहले यह पुलिया भी टूट गयी, जिसकी वजह से लोगों की चिंताएं बढ़ गयी हैं और वे बेहद परेशान हैं.

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Posted By : Mithilesh Jha

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