गुमला. गुमला के फोरी अंबाटोली गांव में सोमवार रात नशे में घर लौटे पति गंगू उरांव को उसकी पत्नी फगनी देवी ने लाठी से पीट-पीटकर हत्या कर दी. पति की हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तारी कर जेल भेज दिया. मां के साथ दूधमुंहा बच्चा भी है. इधर, अन्य आठ बच्चों पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. यह घटना घरेलू विवाद में घटा है. आपस में हुए विविाद के बाद पत्नी ने पहले अपने पति के सिर पर लाठी से वार किया. इसके बाद पत्थर से सिर कुचल दी. घटना की सूचना मिलने पर मंगलवार की सुबह टोटो थाना प्रभारी कुंदन सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त लाठी और पत्थर बरामद कर लिया है.
कैसे घटी घटना
जानकारी के अनुसार मृतक गंगू उरांव की नशे की लत को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था. ग्रामीणों के अनुसार गंगू सुबह से ही शराब के नशे में रहता था और नशे की हालत में घर पहुंचकर पत्नी के साथ झगड़ा करता था. आरोप है कि वह कई बार पत्नी से मारपीट करने व उसे जान से मारने का प्रयास भी करता था. घर के मवेशियों की देखभाल में भी वह रुचि नहीं लेता था. उसकी दिनचर्या में नशा करना और घर आकर विवाद करना आम हो गया था.
नौ बच्चों का भविष्य संकट में
इस हत्याकांड का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि अब परिवार के नौ बच्चे माता-पिता दोनों के सहारे से वंचित हो गये हैं. दंपती के नौ बच्चों में एक बेटी का विवाह हो चुका है. जबकि बाकी आठ बच्चे एक से 17 वर्ष की उम्र के हैं. इनमें सबसे छोटा बच्चा अभी दुधमुंहा है. परिवार के लोगों के अनुसार फगनी देवी ही खेती-बारी और मजदूरी कर बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी. पति की मौत के बाद अब वह खुद जेल पहुंच गयी है. वहीं उसका दुधमुंहा बच्चा भी मां से अलग नहीं हो सका और मां के साथ जेल की सलाखों तक पहुंच गया.
गंगू ने दो शादियां की थी
बताया जाता है कि गंगू उरांव ने दो विवाह किया था. उसकी पहली पत्नी नीरा देवी की करीब सात वर्ष पूर्व मौत हो गयी थी. पहली पत्नी से उसके चार बच्चे थे. जबकि दूसरी पत्नी फगनी देवी से पांच बच्चे हैं. पहली पत्नी की मौत के बाद उन बच्चों की देखभाल और परवरिश की जिम्मेदारी भी फगनी देवी ही संभाल रही थी. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है.
