गुमला. गुमला जिले के लट्ठाटोली गांव में भारतमाला सड़क परियोजना का विरोध लगातार जारी है. गांव के टाना भगत समुदाय के लोगों ने शिवालया कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और अपनी जमीन पर सड़क निर्माण कार्य रोक दिया है. ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी कई गांवों के आदिवासी धार्मिक सरना स्थलों से होकर सड़क निर्माण करना चाहती है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं. स्थिति को देखते हुए गुमला प्रशासन के अधिकारी लट्ठाटोली गांव पहुंचे. उनके साथ गुमला पुलिस के अधिकारी और जवान भी मौजूद थे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से सड़क निर्माण कार्य में बाधा नहीं डालने की अपील की, लेकिन टाना भगत अपनी मांगों पर अड़े रहे. उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे किसी कीमत पर अपनी पुश्तैनी जमीन पर सड़क नहीं बनने देंगे. ग्रामीणों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच घंटों तक बातचीत और तनावपूर्ण माहौल बना रहा, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. अंततः अधिकारियों को बिना सहमति के वापस लौटना पड़ा. ग्रामीणों का कहना है कि भारतमाला सड़क परियोजना का मूल रूट बदलकर लट्ठाटोली की ओर मोड़ा गया है. उनका दावा है कि जिस मार्ग को पहले स्वीकृति मिली थी, सड़क का निर्माण उसी रूट पर होना चाहिए. उन्होंने खेती योग्य भूमि को बचाने की मांग करते हुए वर्तमान रूट को तत्काल निरस्त करने की अपील की. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान रूट पर सड़क निर्माण होने से हजारों पेड़ कट जायेंगे, जिससे जंगल व पहाड़ों को नुकसान पहुंचेगा. इसके अलावा सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि सड़क निर्माण की भेंट चढ़ जायेगी. ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहनों से आसपास के खेतों को भी नुकसान पहुंच रहा है. महिला समाजसेवी ज्योति कुजूर ने आरोप लगाया कि शिवालया कंपनी जानबूझकर विवादित और गलत रूट पर सड़क निर्माण कराने पर अड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले में गुमला प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. ज्योति कुजूर ने कहा कि गरीब किसानों की उपजाऊ जमीन छीनी जा रही है, जंगल और पहाड़ों को नष्ट किया जा रहा है तथा धार्मिक स्थलों तक को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. इसके बावजूद क्षेत्र के जनप्रतिनिधि व नेता चुप्पी साधे हुए हैं.
किसी कीमत पर अपनी पुश्तैनी जमीन पर सड़क नहीं बनने देंगे
लट्ठाटोली में भारतमाला परियोजना का विरोध तेज, बैरंग लौटे ग्रामीणों को समझाने पहुंचे अधिकारी
