वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र के विरोध में ग्रामीणों की हुंकार

वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र के विरोध में ग्रामीणों की हुंकार

प्रतिनिधि, पालकोट

सारूबेड़ा बाजार टाड़, कुल्लूकेरा पंचायत (पालकोट) में वन रक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी प्रिया मुंडा और विशिष्ट अतिथि अरविंद मिश्रा उपस्थित थे. महिलाओं ने स्वागत गीत और पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों का अभिनंदन किया. बैठक का मुख्य उद्देश्य पालकोट वन्य प्राणी आश्रयणी घोषित क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था. ग्रामीणों ने वन विभाग द्वारा जंगल क्षेत्रों में तालाब और पोखरों के निर्माण का विरोध किया. उनका कहना था कि कई स्थानों पर तालाब ऐसे क्षेत्रों में बनाये जा रहे हैं जहां पालतू पशुओं के डूबने की आशंका रहती है. साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन आश्रयणी क्षेत्र का हवाला देकर गांवों में सड़क निर्माण कार्य भी बाधित किया जा रहा है.

संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना जरूरी है

इस मौके पर सिंजाग गांव के महेश लोहरा, मदन सिंह, कलुवा सिंह, इस्माईल नगेसिया, उनूल डुगडुंग, कर्मा गोप, सूर्य नारायण किसान, जितेश्वर सिंह, अंजना उरांव और क्लौंति मुंडा ने अपने विचार रखे. विशिष्ट अतिथि अरविंद मिश्रा ने ग्रामीणों से संगठित होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया. वहीं मुख्य अतिथि प्रिया मुंडा ने कहा कि आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन का वास्तविक संरक्षक है तथा अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहना जरूरी है. उन्होंने ग्रामीणों से अपने भविष्य और संसाधनों की सुरक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की.

सभा का संचालन जितू माझी ने किया. मौके पर मुखिया धनेश्वर नगेसिया, अजीत विश्वकर्मा, लालू सिंह, मुकूट मिंज, सुरेश मांझी, बिरसा सिंह, सुकरा सिंह, यशोमती देवी सहित कुल्लूकेरा पंचायत के विभिन्न गांवों से हजारों महिला एवं पुरुष उपस्थित थे.

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Author: Akarsh Aniket

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