प्रतिनिधि, रायडीह रायडीह प्रखंड के कटकायां गांव में गुरुवार को विशेष ग्राम सभा का आयोजन सरना धर्म स्थल को बचाने के उद्देश्य से किया गया. ग्राम प्रधान हीरालाल एक्का की अध्यक्षता में हुई इस सभा में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए. ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि सरना स्थल उनकी धार्मिक आस्था, संस्कृति और सामुदायिक पहचान का केंद्र है, जिसे किसी भी कीमत पर क्षति नहीं पहुंचने दी जायेगी.
19 डिसमिल भूमि पर सरना धर्म स्थल है
ग्राम सभा में बताया गया कि खाता संख्या-123 तथा प्लॉट संख्या-1928 में स्थित लगभग 19 डिसमिल भूमि पर सरना धर्म स्थल है, जो भारतमाला सड़क परियोजना के प्रस्तावित मार्ग में आ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण एजेंसी ने कार्य भी प्रारंभ कर दिया है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गयी है. उन्होंने आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण के दौरान स्थानीय लोगों की राय नहीं ली गयी और विधिवत ग्राम सभा आयोजित नहीं की गयी. आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद ग्राम सभा की सहमति को नजरअंदाज किया गया, जबकि ऐसे मामलों में ग्राम सभा की अनुमति आवश्यक मानी जाती है.जबरन निर्माण जारी रखा, तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा
ग्रामीणों ने कहा कि सरना स्थल केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं, बल्कि उनकी परंपरा, इतिहास और सामुदायिक अस्तित्व का प्रतीक है. इसे हटाने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचायेगा. सभा में उपस्थित लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और निर्माण कंपनी ने वैकल्पिक मार्ग का चयन नहीं किया और जबरन निर्माण जारी रखा, तो आंदोलन और व्यापक तथा उग्र रूप लेगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की होगी.ग्राम सभा के बाद ग्रामीण सरना स्थल पहुंचे और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सामूहिक पूजा-अर्चना की. इस दौरान सरना धर्म ध्वज स्थापित कर स्थल की रक्षा का संकल्प लिया गया. सभा में बैगा, पुजार, महिला-पुरुष और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. सामूहिक संकल्प ने यह संदेश दिया कि सरना स्थल उनकी आस्था और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, जिसकी रक्षा के लिए वे एकजुट होकर संघर्ष करेंगे.
