घाघरा. विगत 10 सितंबर 2026 (गुरुवार) को देवाकी पिठवरटोली निवासी लगभग 45 वर्षीय विश्वनाथ उरांव की हत्या मामले को लेकर पिठवरटोली गांव के दर्जनों ग्रामीण महिला-पुरुष शनिवार को घाघरा थाना पहुंचे. ग्रामीणों का आरोप है कि घाघरा पुलिस द्वारा गांव के ही रमेश लोहरा एवं उसके पुत्र आर्यन लोहरा को पूछताछ के लिए लाया गया है.
वही दोनों आरोपी होंगे, लेकिन उसे पुलिस द्वारा गत शुक्रवार से ही थाने में रखा गया है और उन्हें जेल भेजा नहीं जा रहा है. ग्रामीणों व मृतक की पत्नी शीला उरांव का कहना है कि रमेश के घर में ही विश्वनाथ शराब पिया, मुर्गा खाया और देर शाम होने तक उसी के घर के पास था. इसके बाद सुबह उसका शव रमेश लोहरा के घर से कुछ दूरी पर मिला तो कहीं ना कहीं इस मामले में रमेश लोहरा एवं उसका पुत्र शामिल हो सकता है. उसे जेल भेजा जाये. इस बात को लेकर लगभग एक घंटे तक ग्रामीण घाघरा थाना में जमे रहे.
इसके बाद घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह के द्वारा ग्रामीणों को समझा-बुझाकर घर भेजा गया. इस संबंध में थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह ने बताया कि रमेश लोहरा एवं उसके पुत्र आर्यन लोहरा को पूछताछ के लिए थाना लाया गया है. जब तक पोस्टमार्टम का रिपोर्ट नहीं आ जाता है. तब तक यह सिद्ध नहीं हो पायेगा की विश्वनाथ की मौत कैसे हुई है. इस मामलों को लेकर पुलिस अपनी सक्रियता दिखा रही है. अनुसंधान जारी है.
