दुर्जय पासवान, गुमला शहरी मुद्दे और जनता के फैसला. आज 23 फरवरी को नौ अध्यक्ष के उम्मीदवारों का फैसला जनता करेगी. जिस प्रकार उम्मीदवारों ने एक-एक वोट के लिए पसीना बहाया है. गली मुहल्लों का भ्रमण किया है. आज इसका फैसला जनता करेगी और शहर के विकास के लिए एक ईमानदार व सशक्त महिला अध्यक्ष का चुनाव करेगी. उम्मीदवारों ने जितनी मेहनत की है. जनता सभी उम्मीदवारों को देख रही है. किसे वोट देना है. किसे अध्यक्ष चुनना है. जनता ने मन बना लिया है. ऐसे, इस बार गुमला नगर निकाय चुनाव जातीय समीकरण पर फोकस हो गया है. चूंकि दलीय आधार पर चुनाव नहीं है. लेकिन कई उम्मीदवारों को राजनीति पार्टियों का समर्थन प्राप्त है. इसमें भाजपा, झामुमो व कांग्रेस के समर्थित उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इन तीनों बड़ी पार्टियों के कई बड़े नेता गुमला आये और अपनी पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे. ऐसे, चुनाव प्रचार के दौरान गुमला शहर की कई समस्याएं पब्लिक की तरफ से चुनावी मुद्दा बनाया गया. इसमें गुमला शहर को सुंदर व स्वच्छ बनाने की मुददा सबसे पहला रहा. क्योंकि, अभी गुमला शहर की सुंदरता कुछ ठीक नहीं है. नगर परिषद के अधिकारी ध्यान नहीं देते. पहले जो प्रतिनिधि थे. वे भी शहरी विकास पर ध्यान नहीं दिये. इसलिए इसबार के अध्यक्ष से लोगों को काफी उम्मीदें हैं. दूसरा मुददा जल संकट का रहा. गुमला शहर के कई मुहल्लों में पाइप बिछा है. लेकिन पानी सप्लाई नहीं है. ऐसे में लोगों ने कई उम्मीदवारों से सवाल भी किया है. चुनाव जीतने के बाद जल संकट दूर होगा या नहीं. तीसरा मुददा पार्किंग व जाम रहा. इसके लिए कई उम्मीदवारों ने अपने प्लान व विजन बताया है. जिससे शहर को जाम मुक्त बनाया जा सके. वहीं चौथा मुददा भ्रष्टाचार रहा. क्योंकि, पूर्व के कई प्रतिनिधियों ने शहरी पीएम आवास के नाम पर गरीबों से घूस लिया था. इसपर भी लोगों ने उम्मीदवारों को घेरा और इसबार जो भी उम्मीदवार चुनाव जीतकर आयेंगे. उनसे गुमला को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग की गयी है. ऐसे, अभी 23 को वोटिंग और 27 फरवरी को मतगणना है. चुनाव जीतने के बाद उम्मीदवार क्या करेंगे. यह रिजल्ट व प्रतिनिधियों के कार्यो पर निर्भर करेगा. ऐसे, गुमला के वोटर वोट डालने को तैयार हैं. अध्यक्ष पद के उम्मीदवार : कुंतला उरांव, जसमनी लुगून, ज्योति कुजूर, ब्रिजिट क्रांति टोप्प, मधु मेरीना लकड़ा, रामेश्वरी उरांव, शिमला कुमारी, सीता देवी, हर्षिता टोप्पो.
नगर परिषद चुनाव : शहरी मुददे और आज जनता के फैसला
शहरी मुद्दे और जनता के फैसला. आज 23 फरवरी को नौ अध्यक्ष के उम्मीदवारों का फैसला जनता करेगी.
