जंगल से सखुआ-डोखा पेड़ कटाई का आरोप, वन विभाग ने दो तस्करों को दबोचा

पालकोट वन विभाग ने जंगल से अवैध रूप से सखुआ व डोखा पेड़ काटने और तस्करी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लगभग 80 हजार रुपये के सखुआ के बोटे बरामद हुए हैं.

पालकोट. वन विभाग पालकोट ने जंगल से अवैध रूप से सखुआ व डोखा पेड़ काटने और तस्करी करने के मामले में कार्रवाई की है. वन विभाग की टीम ने डहुपानी पंचायत के सुंदरीडीह गांव से जामताड़ा जिला के चिरकोरियां गांव निवासी अनवर अंसारी और चरकागोड़ी गांव से मुरतुजा अंसारी को गिरफ्तार किया है.

दो अलग-अलग स्थानों से हुई गिरफ्तारी

वन विभाग के अनुसार, अनवर अंसारी सुंदरीडीह गांव में सुकरा सिंह के घर पर मौजूद था. इसी दौरान वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया. वहीं मुरतुजा अंसारी को चरकागोड़ी गांव में सोमरू खड़िया के यहां से गिरफ्तार किया गया.

वनपाल कृष्णा कुमार महतो ने बताया कि गश्ती दल को सूचना मिली थी कि पालकोट थाना क्षेत्र के सुंदरीडीह गांव निवासी सुकरा सिंह अवैध रूप से सखुआ व डोखा पेड़ कटवा कर कारोबार कर रहा है. सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की.

छापेमारी के दौरान कई लोग भाग निकले

वन विभाग के संदीप कुमार, गोकुल महतो, मनोज कुमार महतो, शशि बेंग, ट्रैकर ललित तिर्की, सुभाष उरांव, मनोज लोहरा, डबलू प्रधान एवं क्यूआरटी के दीपक सिंह, अमृत केरकेट्टा, रिझू साहू, क्रिश्टो कर्मकार, तारक ठाकुर व संजू खड़िया ने अभियुक्तों के घरों में छापेमारी की.

सुकरा सिंह के घर पर छापेमारी के दौरान सुकरा सिंह भाग गया, जबकि वहां मौजूद अनवर अंसारी को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया. वहीं सोमरू खड़िया और बेंजामिन बड़ा के यहां छापेमारी के दौरान दोनों व्यक्ति भाग निकले, लेकिन मुरतुजा अंसारी पकड़ा गया.

करीब 80 हजार का सखुआ बोटा बरामद

वन विभाग के अनुसार, अभियुक्तों के घर से करीब 80 हजार रुपये का चिरावन सखुआ का बोटा बरामद हुआ है. पकड़े गये दोनों लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है.

वहीं, फरार लोगों की गिरफ्तारी के लिए वन विभाग की ओर से छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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