गुमला. राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत गुमला की सड़कों पर शनिवार को एक अलग दृश्य देखने को मिला. परिवहन विभाग के अधिकारी हाथ में चालान बुक के बजाय गुलाब फूल व फूलों की माला लेकर खड़े थे. जिला प्रशासन व परिवहन विभाग के इस संयुक्त अभियान का मकसद दंड देना नहीं, बल्कि चालकों के अंदर सोयी जिम्मेदारी को जगाना था. सड़क पर हेलमेट लगा कर चलने वाले जागरूक लोगों को जब गुलाब का फूल दिया गया, तो उनके चेहरों पर गर्व की मुस्कान दिखी. वहीं इसके विपरीत बिना हेलमेट फर्राटा भर रहे चालकों को बीच सड़क पर माला पहनायी गयी, जिससे वे जनता के बीच खुद को शर्मिंदा महसूस करने लगे. इस दौरान विभाग ने कहा है कि यदि आप न्यूज की सुर्खियों में दुर्घटना के शिकार के तौर पर नहीं आना चाहते हैं, तो हेलमेट को बोझ समझना छोड़ दें. अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन किस्मत के लिए नहीं, बल्कि अपना और अपने परिवार की खुशियों के लिए करें. कार्यक्रम के दौरान मोटर यान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह ने चालकों को समझाते हुए कहा कि आपकी थोड़ी सी लापरवाही किसी का घर उजाड़ सकती है और आपकी सजगता किसी की जान बचा सकती है. इस मुहिम को जमीन पर उतारने में प्रदीप कुमार तिर्की ने भी अहम रोल अदा किया. डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान का विजन केवल एक दिन का सुधार नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित बनाना है. कहा कि पूरे जनवरी महीने तक जागरूकता रथ और स्कूलों में सुरक्षा पाठशालाओं का सिलसिला जारी रहेगा. शनिवार को हुए आयोजन ने चालकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि सुरक्षा का रास्ता डर से नहीं बल्कि समझदारी से होकर गुजरता है.
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