गुमला. विकास भारती बिशुनपुर द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) गुमला में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत आयोजित पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण मंगलवार को संपन्न हुआ. 11 से 15 सितंबर तक चले प्रशिक्षण में जिला उद्यान विभाग द्वारा गठित आठ क्लस्टरों में से इस वर्ष चयनित मुकुंद एवं कालिका क्लस्टर के संकुल संसाधन व्यक्तियों (सीआरपी) ने भाग लिया.
महेंद्र भगत ने किया प्रशिक्षण का उद्घाटन
प्रशिक्षण का उद्घाटन संस्था के सचिव महेंद्र भगत ने किया. वहीं, समापन सत्र की अध्यक्षता केवीके के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ बृजेश पांडे ने की.
कक्षा से खेत तक दी गयी प्राकृतिक खेती की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा, प्रक्षेत्र एवं प्रायोगिक माध्यम से प्राकृतिक खेती की जानकारी दी गयी. मृदा नमूना संग्रह, प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों को तैयार करने की विधि तथा किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने और बैठक आयोजित करने की तकनीक पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया.
मॉडल किसान के खेत का किया भ्रमण
प्रशिक्षणार्थियों ने केवीके की प्रदर्शन इकाई और मॉडल किसान राजेश साहू के खेत का भ्रमण भी किया. इस दौरान प्राकृतिक खेती से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को नजदीक से समझने का अवसर मिला.
सभी सीआरपी को मिला प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम का समन्वय मृदा विज्ञान विशेषज्ञ डॉ नीरज कुमार वैष्णव ने किया. प्रशिक्षण के समापन पर सभी सीआरपी को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये.
