गुमला : गुमला में तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म हुआ है. इसके बाद दुष्कर्म की घटना को दबाने का प्रयास किया गया. गांव में पंचायत लगाकर दुष्कर्म के आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. पंचायत के फैसले के बाद आरोपी ने 20 हजार रुपये तत्काल दिया. उक्त राशि से पंचायत ने मांस व दारू की पार्टी मनायी. जबकि आरोपी को 80 हजार रुपये एक सप्ताह के अंदर देने का फरमान सुनाया. हालांकि, गांव में जब दुष्कर्म की घटना के बाद जश्न मन रहा था, तभी पुलिस गांव पहुंच गयी और आरोपी सुनील लोहरा को गिरफ्तार कर लिया. मामला, घाघरा थाना के पलमा गांव की है. थाना प्रभारी मोहन कुमार ने बताया कि सूचना मिली थी कि तीन साल की बच्ची के साथ दरिंदगी के मामले को पंचायत में पंचायती कर गांव वाले दबाने का प्रयास कर रहे थे. गांव के दबाव के चलते मामला थाना तक नहीं पहुंच रहा था. जिसके बाद घाघरा पुलिस ने गांव जाकर पीड़िता की मां के बयान पर प्राथमिक दर्ज कर ली है और आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.
पूरा मामला इस प्रकार है
शनिवार की शाम चार बजे सुनील लोहरा पीड़िता के घर पहुंचा. घर में महिला अपने तीन वर्षीय बेटी के साथ थी. तभी सुनील ने महिला से कहा कि लाओ तुम्हारी बेटी को मैं पकड़ देता हूं. तुम अपना काम करो. इसके बाद युवक सुनील लोहरा बच्ची को अपने साथ कमरे में ले गया. जहां बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. जब बच्ची खून से लथपथ होकर रोने लगी तो उसकी मां भागते हुए पहुंची. इसके बाद मामला पंचायत के पास पहुंचा. पंचायत के कुछ सदस्यों ने मामले को गांव में ही दबाने की योजना बनायी. पहले बच्ची को एक निजी डॉक्टर से दिखाया गया. इसके बाद रविवार को गांव में पंचायत की बैठक की गयी. जिसमें मामला को दबाने के लिए आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
ऐसे खुला मामला
गांव के एक प्रबुद्ध व्यक्ति ने पुलिस को गुप्त सूचना दी. इसके बाद घाघरा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया. रविवार को पुलिस टीम गांव पहुंची. उस समय आरोपी द्वारा पंचायत को दिये गये जुर्माना के 20 हजार रुपये से गांव में पार्टी मनायी जा रही थी. पुलिस ने पार्टी मना रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं पीड़िता बच्ची की मां का बयान लिया.
मुखिया ने क्या कहा
अरंगी पंचायत के मुखिया लोदो एक्का ने कहा है कि पलमा गांव में एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद कुछ लोगों ने बैठक की थी. इस बैठक की मुझे कोई सूचना नहीं दी गयी. जब पुलिस गांव पहुंची और मामला उजागर हुआ. तब मुझे गांव में बैठक करने की सूचना मिली.
