प्रतिनिधि, गुमला गुमला शहर के दुंदुरिया स्थित बाल गृह से रहस्यमय तरीके से गायब हुए चार नाबालिग बच्चों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. तीन दिनों तक रहस्य बने रहने के बाद अब चार में से तीन बच्चे पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में मिल गये हैं. हालांकि सबसे बड़ा और उम्र में वरिष्ठ चौथा बच्चा अब भी लापता है. जानकारी के अनुसार, बाल गृह से फरार होने के बाद चारों बच्चे गुमला शहर के लोहरदगा रोड स्थित बस पड़ाव पहुंचे थे. इसके बाद वे झारखंड की सीमा पार कर पश्चिम बंगाल की ओर निकल गये. इसी दौरान बांकुड़ा रेलवे क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे तीन बच्चों पर आरपीएफ की नजर पड़ी. पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आरपीएफ ने उन्हें अपने संरक्षण में लिया और कानूनी प्रक्रिया के तहत सीडब्ल्यूसी (बाल कल्याण समिति) पुरुलिया के समक्ष प्रस्तुत कर दिया. तीनों बच्चों को बांकुड़ा के बाल गृह में भेज दिया गया है सीडब्ल्यूसी पुरुलिया ने तीनों बच्चों को संरक्षण में लेते हुए फिलहाल बांकुड़ा के बाल गृह में भेज दिया है. जहां उनकी देखरेख की जा रही है. लेकिन चौथे बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि बांकुड़ा में मिले तीनों बच्चे भी अपने चौथे साथी के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं. उन्होंने सिर्फ इतना बताया है कि वह भी उनके साथ बाल गृह से निकला था और बस पड़ाव तक उनके साथ था. इसके बाद वह उनसे कब और कैसे अलग हुआ. इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है. डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर अमर कुमार ने तीन बच्चों के पश्चिम बंगाल में मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि इस मामले में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस चौथे बच्चे की तलाश में जुटी हुई है. वहीं बच्चों को वापस गुमला लाने की प्रक्रिया अब सीडब्ल्यूसी पुरुलिया के आदेश और कानूनी औपचारिकताओं के बाद ही आगे बढ़ेगी. इधर सदर थाना पुलिस चौथे बच्चे की तलाश में जुटी हुई है. पुलिस पश्चिम बंगाल, झारखंड और आसपास के संभावित इलाकों में जानकारी जुटा रही है. मोबाइल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों पर भी पड़ताल की जा रही है.
बाल गृह से फरार चार बच्चों में तीन बंगाल में मिले, चौथा अब भी लापता
बाल गृह से फरार चार बच्चों में तीन बंगाल में मिले, चौथा अब भी लापता
