नगर परिषद कथा : कामधेनु बनी गुमला बाजार टाड़ की सड़क ! जनता परेशान

गुमला बाजार टाड़ की सड़क पर मिट्टी, कचरा और जलजमाव से लोग परेशान हैं. बदहाल सड़क को लेकर नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.

गुमला: बाजार टाड़ की सड़क जनता के लिए परेशानी और नगर परिषद के लिए ‘कामधेनु’ बन गयी है. कामधेनु यानी ऐसी गाय, जो मनोकामनाएं पूरी करे. गुमला में यह कामधेनु कोई गाय नहीं, बल्कि बाजार टाड़ की सड़क है. हर साल यहां से लाखों रुपये का राजस्व नगर परिषद को मिलता है, लेकिन सड़क की हालत देखकर ऐसा लगता है कि इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. पीसीसी सड़क के ऊपर मिट्टी, कचरा और जलजमाव के कारण लोगों को रोजाना कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है.

मंगलवार और शनिवार को बढ़ जाती है परेशानी

गुमला शहर के बाजार टाड़ में मंगलवार और शनिवार को बड़ी संख्या में लोग सब्जी और अन्य जरूरी सामान खरीदने पहुंचते हैं. बाजार आने वाले लोगों से लेकर यहां दुकान लगाने वाले किसान और व्यापारी तक सड़क की बदहाली से परेशान हैं. लोगों का कहना है कि बाजार में जरूरी सामान खरीदने के लिए आना मजबूरी है, लेकिन यहां की सड़क और जलजमाव परेशानी बढ़ा देते हैं. हर दिन लोग नगर परिषद की व्यवस्था को कोसते नजर आते हैं.

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पीसीसी सड़क पर बार-बार डाली जा रही मिट्टी

बाजार टाड़ के बीच से गुजरने वाली सड़क पीसीसी बनी हुई है. इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से हर महीने या दो महीने में ट्रैक्टर से सड़क पर मिट्टी और बेकार कचरा गिराये जाने की बात सामने आ रही है. इससे पीसीसी सड़क धीरे-धीरे मिट्टी से ढक गयी है और अब कच्ची सड़क जैसी नजर आती है. स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब सड़क पहले से बनी हुई है, तो उस पर बार-बार मिट्टी और कचरा डालने की जरूरत क्यों पड़ रही है.

समाजसेवी मनीष गुप्ता का कहना है कि अगर नगर परिषद सड़क पर जमा पूरी मिट्टी हटवा दे, तो नीचे की पीसीसी सड़क फिर से उपयोगी हो सकती है. इससे लोगों को कीचड़ और जलजमाव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी. उनका आरोप है कि सड़क से मिट्टी हटाने के बजाय लगातार उस पर मिट्टी और कचरा डाला जा रहा है.

जनता परेशान, हाकिम और नेताजी खामोश

बाजार टाड़ की बदहाल सड़क को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है. लोगों का सवाल है कि जब हर साल बाजार टाड़ से नगर परिषद को लाखों रुपये का राजस्व मिलता है, तो यहां की बुनियादी व्यवस्था क्यों नहीं सुधर रही है. सड़क पर कीचड़ और जलजमाव के बीच लोगों का आवागमन जारी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस समस्या पर कब गंभीर होंगे, यह बड़ा सवाल है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नगर परिषद बाजार टाड़ की सड़क की स्थिति सुधारने के लिए कब ठोस कदम उठाता है.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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