परंपरा, आस्था व सांस्कृतिक एकता का दिया गया संदेश

परंपरा, आस्था व सांस्कृतिक एकता का दिया गया संदेश

By Prabhat Khabar News Desk | January 14, 2026 9:22 PM

गुमला. पंजाबी व सिख समाज का प्रमुख लोक पर्व लोहड़ी गुरुद्वारा साहिब जशपुर रोड गुमला में श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया. मौके पर आयोजित सांझी लोहड़ी कार्यक्रम ने लोक परंपरा, आध्यात्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द्र का संदेश दिया. कार्यक्रम का शुभारंभ शाम सात बजे गुरुवाणी पाठ व सिमरण के साथ हुआ. संगत ने गुरु साहिब का स्मरण करते हुए आत्मिक शांति व सकारात्मक चेतना का अनुभव किया. इसके बाद रात आठ बजे अरदास के बाद पावन लोहड़ी प्रज्वलित की गयी. परंपरा के अनुसार लोहड़ी की अग्नि को नव ऊर्जा, सुख-समृद्धि और शुभ संकल्पों का प्रतीक माना जाता है. दिलदार सिंह ने कहा कि लोहड़ी पर्व पंजाबी समाज की कृषि आधारित लोक संस्कृति से गहरायी से जुड़ा है. यह पर्व फसल कटाई, ऋतु परिवर्तन तथा प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है. कार्यक्रम के दौरान लोक गीतों, उत्सवी वातावरण तथा भांगड़ा और गिद्दा ने आयोजन को जीवंत एवं आकर्षक बना दिया. कार्यक्रम के बाद रात में सामूहिक गुरु का लंगर आयोजित किया गया. लंगर सेवा के माध्यम से समानता, सेवा व भाईचारे की सिख परंपरा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसमें संगत ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया. कार्यक्रम में समाज के प्रधान महेंद्र सिंह सचदेव, सचिव रंजीत सिंह, गुरु गोविंद सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष जसवीर सिंह, सचिव गगनदीप सिंह, संरक्षक गुरमीत सिंह सलोनी, स्त्री संगत से इंदु कौर, रवींद्र कौर, हरजीत कौर समेत सुरेंद्र सिंह काकू, गुरजीत सिंह, मनोहर सिंह, गुरविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, राजू सिंह, कमलेश कौर, कमलजीत कौर, परमजीत कौर, हेमा कौर, शालू कौर, संटी, बंटी, हरप्रीत, पप्पू, छोटू आदि उपस्थित थे.

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