दूल्हे ने थाना में आवेदन देकर शादी के लिए जंगल से जलावन लाने की मांगी अनुमति

गुमला में गैस संकट गहराया, शादी-ब्याह तक प्रभावित, प्रशासन से विशेष व्यवस्था की मांगएलपीजी की कमी से लोग जंगल की लकड़ी पर लौटने को मजबूर

गुमला. जिले में रसोई गैस की किल्लत अब आम जनजीवन के साथ-साथ सामाजिक परंपराओं को भी प्रभावित करने लगी है. हालात ऐसे बन गये हैं कि शादी जैसे अवसरों पर भी लोगों को गैस की कमी से जूझना पड़ रहा है. मजबूरी में लोग वैवाहिक कार्यक्रमों को संपन्न कराने के लिए जंगल से जलावन लकड़ी लाने के लिए प्रशासन से अनुमति मांग रहे हैं. इस क्रम में गुमला थाना क्षेत्र के दुंदुरिया गांव निवासी अरुण लकड़ा ने अपनी शादी के लिए लकड़ी लाने की अनुमति हेतु थाना प्रभारी को आवेदन दिया है. उन्होंने बताया कि उनकी शादी 24 अप्रैल 2026 को तय है और आयोजन के लिए लकड़ी की आवश्यकता है, जिसे वे मरवा जंगल क्षेत्र से लाना चाहते हैं. एक समय था जब गांवों में शादी-ब्याह में लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनता था, लेकिन आधुनिकता के साथ गैस ने उसकी जगह ले ली. अब मौजूदा संकट ने लोगों को फिर से उसी पारंपरिक व्यवस्था की ओर लौटने को मजबूर कर दिया है. हालांकि जंगल से लकड़ी लाना नियमों के अधीन है, इसलिए लोग अब विधिवत अनुमति लेने की प्रक्रिया अपना रहे हैं.

आम से लेकर संपन्न वर्ग तक सभी प्रभावित

चेंबर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश कुमार के अनुसार जिले में एलपीजी आपूर्ति में लगातार बाधा आने से आम से लेकर संपन्न वर्ग तक सभी प्रभावित हैं. विशेष रूप से शादी या बड़े आयोजनों वाले परिवारों के लिए स्थिति और गंभीर हो गयी है, क्योंकि ऐसे कार्यक्रमों में दो से चार गैस सिलिंडर की आवश्यकता होती है. इधर, संजय कुमार भगत ने प्रशासन से मांग की है कि गैस संकट को देखते हुए विशेष व्यवस्था की जाये. खासकर उन परिवारों के लिए जिनके घरों में शादी है. लोगों का सुझाव है कि शादी वाले घरों को प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलिंडर उपलब्ध कराया जाये या वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्थायी अनुमति या विशेष योजना बनायी जाये.

गैस संकट पर अनोखा विरोध : सिलिंडर सड़क पर रख पूछा, कब आओगे तुम

गुमला. शहर के लोहरदगा रोड स्थित मिशन चौक पर गैस संकट को लेकर विरोध का एक अनोखा मामला सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. मंटू गुप्ता नामक युवक ने गैस सिलिंडर नहीं मिलने से परेशान होकर अपनी पीड़ा अनोखे अंदाज में जाहिर की. उनके पास वैध डीएस नंबर होने के बावजूद लंबे समय से गैस की आपूर्ति नहीं हो रही थी. अपनी समस्या को सबके सामने लाने के लिए मंटू ने एक तख्ती पर अपना डीएस नंबर लिख कर उस पर सवाल अंकित किया, कब आओगे तुम. इसके बाद उन्होंने इस तख्ती को गैस सिलिंडर पर रख कर बीच सड़क पर छोड़ दिया. सड़क पर रखे सिलिंडर और उस पर लिखे इस मार्मिक संदेश ने राहगीरों का ध्यान खींचा. तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गयी. कोई इसे आम जनता की मजबूरी बता रहा है, तो कोई व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में इन दिनों गैस आपूर्ति अनियमित है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है. हालांकि संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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