गुमला. सदर अस्पताल परिसर में अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठीं देवकी देवी का अनशन मंगलवार रात को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की पहल पर समाप्त हो गया. 26 मई की रात लगभग 11 बजे अनशनकारी देवकी देवी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ शंभू चौधरी, बीडीओ अशोक चोपड़ा, सदर अस्पातल के उपाधीक्षक डॉ अनुपम किशोर व स्थानीय थाना प्रभारी विनय कुमार दल-बल के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने देवकी देवी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और उनकी 15 सूत्री मांगों पर सहमति जतायी. प्रशासनिक अधिकारियों ने देवकी देवी को आश्वास्त किया कि उनकी सभी जायज मांगें मान ली गयी हैं और अगले तीन दिनों के अंदर सदर अस्पताल का ब्लड बैंक पूरी तरह चालू कर दिया जायेगा. अधिकारियों के इस ठोस भरोसे के बाद सिविल सर्जन ने अपने हाथों से जूस पिला कर रात को ही अनशन तोड़वाया. मामले की जानकारी देते हुए देवकी देवी ने बताया कि पूर्व निर्धारित योजना के तहत वे बुधवार को सदर अस्पताल के पास प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली थीं, लेकिन वे उपायुक्त दिलेश्वर महतो से वार्ता के लिए सीधे उपायुक्त कार्यालय चली गयीं. हालांकि उपायुक्त के किसी सरकारी कार्य से बाहर निकल जाने के कारण उनसे सीधी वार्ता नहीं हो सकी. उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों पर समझौता होने और ब्लड बैंक चालू होने के आश्वासन के बाद अब आंदोलन को फिलहाल समाप्त कर दिया गया है.
प्रशासन के आश्वासन पर आमरण अनशन समाप्त
तीन दिनों में शुरू होगा ब्लड बैंक
