चापानल खराब और डोभा सूखा, अब जंगल में स्थित एक कुएं पर निर्भर 20 परिवार के लोग

रायडीह प्रखंड की सुरसांग पंचायत अंतर्गत बिरकेरा टांगराटोली गांव में पेयजल और सड़क संकटग्रामीणों ने बैठक कर उपायुक्त को आवेदन सौंपने का लिया निर्णयमांगें पूरी नहीं होने पर घेराव और आंदोलन करने की दी चेतावनी

रायडीह प्रखंड की सुरसांग पंचायत अंतर्गत बिरकेरा टांगराटोली गांव में पेयजल और सड़क संकटग्रामीणों ने बैठक कर उपायुक्त को आवेदन सौंपने का लिया निर्णय

मांगें पूरी नहीं होने पर घेराव और आंदोलन करने की दी चेतावनी

गुमला. रायडीह प्रखंड की सुरसांग पंचायत अंतर्गत बिरकेरा टांगराटोली गांव के ग्रामीण पेयजल और सड़क की समस्या को लेकर मुखर हो गये हैं. गुरुवार को गांव में हुई बैठक में ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि मंगलवार को साप्ताहिक जनता दरबार में गुमला उपायुक्त को आवेदन देकर गांव में पेयजल व सड़क सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जायेगी. साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर प्रखंड स्तर पर बीडीओ व जिला स्तर पर उपायुक्त का घेराव करने की चेतावनी दी गयी है. बैठक में महावीर बा, विष्णु खड़िया, रंजन किड़ो, सुकसेन किड़ो, किशोर बा, सुखनाथ किड़ो, अकली खड़ियाइन, सिसिलिया सोरेंग, जतरो किड़ो, फुलमनी खड़ियाइन, सुनीता खड़ियाइन, ज्योति किड़ो, सरिता किड़ो, अल्फा बा, सरिता खड़िया, प्रदीप खड़िया सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे.

एक साल से खराब पड़ा है चापानल

बिरकेरा टांगराटोली में करीब 20 परिवार निवास करते हैं. गांव में वर्षों पहले सरकारी योजना के तहत लगाया गया चापानल पिछले लगभग एक वर्ष से खराब पड़ा हुआ है. चापानल खराब होने के बाद ग्रामीण गांव से करीब आधा किमी दूर पेड़ के नीचे डोभा में जमा होने वाले पहाड़ी पानी पर निर्भर थे. लेकिन भीषण गर्मी व लगातार 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे तापमान के कारण पहाड़ी पानी सूख गया, जिससे डोभा भी पूरी तरह सूख चुका है. अब ग्रामीणों की अंतिम उम्मीद गांव से लगभग एक किमी दूर जंगल के समीप स्थित एक कुएं पर टिकी हुई है. ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कुआं भी सूख गया, तो गांव में पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो जायेगा.

बरसात में गांव का संपर्क टूटने की स्थिति

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चलने योग्य सड़क तक नहीं है. पंचायत, प्रखंड और जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए लोग जिस आम रास्ते का उपयोग करते हैं, वह उबड़-खाबड़ और गड्ढों से भरा हुआ है. गर्मी के दिनों में किसी तरह आवागमन संभव हो पाता है, लेकिन बरसात में रास्ता पूरी तरह बदहाल हो जाता है. ग्रामीणों के अनुसार बारिश के समय सड़क और रास्ते का पता तक नहीं चलता, जिससे गांव का संपर्क लगभग कट जाता है.

मुखिया, बीडीओ व विधायक पर भरोसा तोड़ने का लगाया आरोप

बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पेयजल संकट को लेकर पंचायत मुखिया, रायडीह बीडीओ और गुमला विधायक को कई बार आवेदन देकर बोरिंग कराने की मांग की गयी, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. ग्रामीणों ने कहा कि एकमात्र कुएं के भरोसे 20 परिवारों की जिंदगी चल रही है. यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो गांव के लोगों के सामने गंभीर जल संकट खड़ा हो जायेगा. ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया.

जलमीनार व डेढ़ किलोमीटर सड़क निर्माण की मांग

ग्रामीणों ने उपायुक्त से गांव में शीघ्र जलमीनार लगाने तथा सुरसांग मुख्य पथ से बिरकेरा टांगराटोली तक लगभग 1.50 किमी कालीकरण सड़क निर्माण कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गयीं, तो वे आंदोलन और घेराव करने को बाध्य होंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >