संत पात्रिक महागिरिजा में शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान में विशेष कार्यक्रम का आयोजन

गुमला के संत पात्रिक महागिरिजा में शिक्षकों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित. फादर फ्लोरेंस ने शिक्षकों को समाज की ज्योति और प्रेरणा का स्रोत बताया.

गुमलाः संत पात्रिक महागिरिजा, गुमला में रविवार को शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में शिक्षकों की सेवा, समर्पण और समाज निर्माण में उनकी भूमिका को रेखांकित किया गया. मौके पर बुजुर्ग शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया, वहीं बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह में उत्साह भर दिया.

समारोही मिस्सा बलिदान से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ समारोही मिस्सा बलिदान के साथ हुआ. इसके मुख्य अधिष्ठाता संत इग्नासियुस गुमला के रेक्टर फादर फ्लोरेंस कुजूर थे. सह अधिष्ठाता के रूप में संत इग्नासियुस प्लस टू हाईस्कूल के प्राचार्य फादर मनोहर खोया, डॉन बॉस्को स्कूल बम्हनी के प्राचार्य फादर वीरेंद्र कुजूर, संत पात्रिक स्कूल के प्राचार्य फादर नाबोर मिंज और संत पात्रिक महागिरिजा के पल्ली पुरोहित फादर एमानुएल कुजूर समेत अन्य पुरोहित मौजूद थे.

शिक्षक सेवा और त्याग के प्रतीक : फादर फ्लोरेंस

मौके पर फादर फ्लोरेंस कुजूर ने कहा कि शिक्षक-शिक्षिकाओं का जीवन सेवा और बलिदान का प्रतीक है. वे ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं और उनका प्रभाव कई पीढ़ियों तक रहता है. शिक्षक संसार की ज्योति और पृथ्वी के नमक हैं. वे समाज को सच्चाई और संस्कार का स्वाद देते हैं तथा विद्यार्थियों के जीवन में आशा और मार्गदर्शन का प्रकाश फैलाते हैं.

उन्होंने कहा कि येसु हम सभी के लिए एक आदर्श शिक्षक हैं. उन्होंने केवल ज्ञान नहीं दिया, बल्कि प्रेम, करुणा और क्षमा का जीवन जीकर दिखाया. उन्होंने अपने शिष्यों को सिखाया कि सच्चा शिक्षक वही है, जो सेवा करता है और दूसरों को आगे बढ़ने में मदद करता है.

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बच्चों को समान शिक्षा देने का आह्वान

फादर फ्लोरेंस कुजूर ने कहा कि गुरु के बिना ज्ञान की प्राप्ति संभव नहीं है. समाज में गुरु का स्थान अलग और महत्वपूर्ण है. गुरु ही शिक्षा की ज्योति को जलाये रखते हैं और बच्चों के जीवन में ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा के दीप जलाते हैं. उन्होंने शिक्षक-शिक्षिकाओं से बिना किसी भेदभाव के सभी बच्चों को समान शिक्षा देने और उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया.

बुजुर्ग शिक्षक-शिक्षिकाओं का हुआ सम्मान

समारोही मिस्सा के बाद संत पात्रिक हॉफमैन हॉल में शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान पल्ली पुरोहित फादर इमानुएल कुजूर ने बुजुर्ग शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया. कार्यक्रम में विभिन्न टोलों और संस्थाओं के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी. बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. कार्यक्रम में गुमला पल्ली कैथोलिक सभा के अध्यक्ष लगनु ललित तिग्गा, फ्रांसिस, रुडोल्फ लकड़ा, सेबेरियुस कुजूर, अनूप किंडो, विजय टोप्पो, युवा संघ के रोहित, रवि, शिखा, प्रदीप सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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