गुमला. कार्तिक उरांव महाविद्यालय, गुमला के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से शिक्षक दिवस पर समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान शिक्षकों का सम्मान किया गया. विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षकों के सम्मान के साथ हुई. विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, सोच विकसित करने और जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं. इसके बाद विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं.
प्रोफेसर संजय ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
एआई के दौर में शिक्षक की भूमिका पर चर्चा
राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अजीत हांसदा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और शिक्षक की भूमिका पर विचार रखे. उन्होंने कहा कि एआई सूचना और ज्ञान तक पहुंच आसान बना सकता है, लेकिन शिक्षक विद्यार्थियों की क्षमता और परिस्थितियों को समझकर उन्हें सही दिशा, मूल्यबोध, अनुशासन और मानवीय संवेदनाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने कहा कि तकनीक शिक्षा का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन शिक्षक का स्थान तकनीक नहीं ले सकती.
प्रो. हांसदा ने विद्यार्थियों से एआई का सकारात्मक और जिम्मेदार उपयोग करने तथा शिक्षकों के अनुभव और मार्गदर्शन से सीखने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में अलग-अलग प्रतिभा और संभावनाएं होती हैं, जिन्हें उचित अवसर और प्रोत्साहन से निखारा जा सकता है. समारोह में सम्मान, शिक्षा, संस्कृति और प्रतिभा का संगम देखने को मिला.
