घाघरा. सरकारी शिक्षक सुशील पासवान की लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वे पिछले काफी समय से लीवर की बीमारी से जूझ रहे थे. उनके निधन की खबर मिलते पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गयी. शिक्षा, फिटनेस व संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को लोग हमेशा याद करेंगे. सुशील पासवान सिर्फ एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने वाले प्रेरणास्रोत थे. उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा बच्चों को शिक्षित करने और युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में लगाया. वे नियमित मॉर्निंग वॉक, योग और फिटनेस को लेकर लोगों को प्रेरित करते थे. संगीत क्षेत्र में भी सुशील पासवान की अलग पहचान थी. वे कैसियो वादन में बेहद निपुण थे और इलाके में उन्हें सबसे बेहतर कैसियो बजाने वाले कलाकार के रूप में जाने जाते थे. उनके निधन पर कुमार रवि, श्याम किशोर पाठक, शिवकुमार भगत उर्फ टुनटुन, अनिरुद्ध चौबे, अनिल उरांव, सुधीर कैंथवार, पवन शर्मा, विशुनदेव बड़ाइक, रवि पहान, कृष्ण लोहरा, अमित ठाकुर समेत कई लोगों ने श्रद्धांजलि दी.
शिक्षक सुशील पासवान का निधन, शोक
शिक्षक सुशील पासवान का निधन, शोक
