सिसई थाना ने केस लेने से किया इनकार, तो पीड़िता ने आत्महत्या करने का किया प्रयास

नानी समेत अन्य लोगों के कहने के बाद युवती ने न्याय के लिए पुन: एसपी को सौंपा लिखित आवेदन

By Prabhat Khabar News Desk | April 23, 2025 11:22 PM

गुमला. गुमला जिले के सिसई थाना की पुलिस ने दुष्कर्म पीड़िता का केस लेने से इंकार कर दिया है. यहां तक कि पीड़िता को थाना बार-बार नहीं आने के लिए कह दिया. इससे आहत होकर पीड़िता ने अपने हाथ का नस काट कर आत्महत्या करने का प्रयास किया. परंतु परिवार के लोगों ने उसका हिम्मत बंधाया, तो वह न्याय के लिए गुमला एसपी का दरवाजा खटखटायी. बुधवार को उसने ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करायी है. जिस समय लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ था, उस समय उसकी उम्र 17 साल थी और वह गर्भवती भी हुई थी. अभी उसकी उम्र 18 साल हो गयी है. पीड़िता ने कहा है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलता, वह अपनी लड़ाई अब खुद लड़ेगी. जब तक दुष्कर्म के अभियुक्त व केस नहीं करने वाली पुलिस पर कार्रवाई नहीं होती, वह चुप नहीं बैठेगी.

क्या है मामला

ऑनलाइन शिकायत व एसपी को दिये गये आवेदन के अनुसार सिसई प्रखंड की नाबालिग के साथ छह जनवरी 2024 को दुष्कर्म की घटना घटी है. पीड़िता ने बताया है कि बांसटोली सिसई के युवक ने छह जनवरी 2024 को उसे फोन कर बुलाया. लड़की बीएन जालान कॉलेज से सिसई बस स्टैंड पहुंची. इसके बाद युवक ने फुसला कर लड़की को बाइक पर बैठा कर लकेया गांव ले गया, जहां एक घर में उसे ले जाकर दुष्कर्म किया. लड़की के अनुसार उसने विरोध किया था. परंतु युवक ने उसके साथ जबरन रेप किया. जिस समय लड़की का दुष्कर्म हुआ, उस समय लड़की की उम्र 17 साल थी. दुष्कर्म के बाद युवक ने लड़की को किसी को दुष्कर्म की बात नहीं बताने की धमकी दी. किसी को बताने पर जान से मारने की बात कही. साथ ही शादी करने का भी वादा किया. इसके बाद लड़की गर्भवती हो गयी. 10 अक्तूबर 2024 को युवक ने दवा खिला कर गर्भपात करा दिया. जब लड़की के परिवार को इसकी जानकारी हुई, तो युवक से शादी करने की बात की. इस दौरान युवक लड़की के परिवार से लड़ गया. इसके बाद लड़की के परिजन थाना में शिकायत की, परंतु पुलिस ने समझौता कर दिया. युवक लड़की को अपने साथ अपने घर ले जाकर रखने लगा. इस दौरान युवक की सीआरपीएफ में नौकरी लग गयी, तो उसने लड़की को छोड़ दिया. लड़की ने कहा कि अब युवक उससे शादी करना नहीं चाहता है. साथ ही युवक के भाई व चाचा धमकी दे रहे हैं कि वह अपने प्रेमी को भूल जाये, नहीं तो जान से मार देंगे.

थाना से मुझे भगा दिया गया : पीड़िता

पीड़िता ने कहा कि शादी से इंकार करने व जान से मारने की धमकी देने के बाद जब में सिसई थाना में लिखित शिकायत करने पहुंची, तो थाना द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी. साथ ही मुझे थाना से भागा दिया गया. 11 अप्रैल 2025 को एक आवेदन दिया, परंतु उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद एसपी से न्याय की गुहार लगायी. एसपी ने सिसई पुलिस को कार्रवाई करने के लिए कहा. इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है.

मां-पिता ने बेटी को घर से निकाला, नानी ने दिया सहारा

पीड़िता ने कहा कि मेरे साथ परिवार को मिल रही धमकी के बाद माता-पिता ने मुझे घर से निकाल दिया. ऐसे में मेरी नानी ने मुझे सहारा दिया. मैं नर्सिंग की. मेडिकल दुकान में भी काम किया. परंतु गर्भपात के बाद कमजोर होने के कारण अब काम कर नहीं पा रही हूं. अभी मुझे न्याय मिले. इसके लिए मेरी नानी व अन्य लोग मदद कर रहे हैं.

थानेदार ने कहा

सिसई थानेदार संतोष कुमार सिंह ने कहा कि यह मामला मेरे सिसई थानेदार पदस्थापना से पहले की है. हालांकि मैंने जब योगदान दिया, तो मैंने जांच की तो पाया कि पूर्व में दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे. दोनों को थाना बुला कर समझाया गया था. इसके बाद पीड़िता द्वारा गुमला जाकर एसपी को आवेदन सौंपा गया है. मुझे आवेदन नहीं मिला है. आवेदन मिलने व वरीय अधिकारी के निर्देश के बाद पुलिस अग्रेतर कार्रवाई करेगी.

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