चर्चित ताहीर खान हत्याकांड में छह दोषी, 24 अगस्त को सजा पर होगी सुनवाई

गुमला के चर्चित ताहीर खान हत्याकांड में अदालत ने छह आरोपियों को दोषी करार दिया है. सजा पर अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी. पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें.

गुमला. करीब नौ वर्ष पुराने गुमला स्थित पालकोट के चर्चित ताहीर खान हत्याकांड में अदालत ने छह आरोपितों को दोषी करार दिया है. एडीजे-4 संजीव भाटिया की अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद पालकोट निवासी अहलाद बैठा उर्फ चांद बैठा, राजेश बैठा उर्फ काना, दीपक कुमार बैठा, गुडू बैठा, प्रह्लाद बैठा और बंधना बैठा उर्फ बंधा बैठा को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी पाया. अदालत अब दोषियों को क्या सजा दी जाये. इस बिंदु पर 24 अगस्त को सुनवाई करेगी. अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी सुधीर टोप्पो ने पैरवी की.

स्कूल के समीप तीन दोस्तों पर हुआ था हमला

अभियोजन के अनुसार घटना 21 मार्च 2017 की शाम की है. पालकोट के कंदर्प उच्च विद्यालय के समीप ताहीर खान अपने दो दोस्तों विवेक विशाल और मोहम्मद महयूद खान के साथ बैठे हुए थे. इसी दौरान आरोपितों समेत करीब 50 लोग वहां पहुंचे और तीनों के साथ मारपीट शुरू कर दी. हमलावरों ने तीनों युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट की. जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गये. घटना के बाद आरोपित उन्हें मृत समझकर मौके पर छोड़कर फरार हो गये. कुछ देर बाद जब घटना की जानकारी घायलों के परिजनों को मिली, तो वे मौके पर पहुंचे और तीनों को इलाज के लिए अस्पताल ले गये.

इलाज के दौरान ताहीर ने तोड़ा था दम

गंभीर रूप से घायल पालकोट आजाद बस्ती निवासी ताहीर खान की इलाज के दौरान मौत हो गयी. ताहीर की मौत के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया. घटना में घायल विवेक विशाल के लिखित आवेदन के आधार पर पालकोट थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी. प्राथमिकी में उपरोक्त आरोपितों के अलावा पालकोट निवासी सुमित केसरी को भी आरोपी बनाया गया था. हालांकि मुकदमे के दौरान सुमित केसरी की मौत हो गयी.

नौ साल बाद आया अदालत का फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों को साबित करने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने छह आरोपितों को दोषी करार दिया. अदालत के इस फैसले के बाद अब सभी की निगाहें 24 अगस्त को होने वाली सजा के बिंदु पर सुनवाई पर टिकी हैं.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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