पैसे नहीं मिले तो बेटे ने मां के सिर-गर्दन पर किया वार, हत्या के बाद शव खेत में फेंका

गुमला के घाघरा में पैसे न देने पर एक कलयुगी बेटे ने अपनी 70 वर्षीय वृद्ध मां की टांगी से काटकर हत्या कर दी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

घाघरा. घाघरा थाना क्षेत्र के नाथपुर गांव में पैसे की मांग पूरी नहीं होने पर एक बेटे ने अपनी 70 वर्षीय मां की हत्या कर दी. आरोपी पुत्र परदेसिया महतो ने टांगी और हसुआ से मां तेतरी देवी के सिर और गर्दन पर वार किया. गंभीर चोट लगने से महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी. हत्या के बाद आरोपी ने घटना को छिपाने के लिए शव को घर से बाहर खेत में फेंक दिया और घर में लगे खून के निशान को गोबर और पानी से साफ कर दिया. पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है.

पैसे नहीं देने पर मां पर किया हमला

पुलिस के समक्ष आरोपी परदेसिया महतो ने बताया कि वह अपनी मां से पैसे मांग रहा था. मां द्वारा पैसे नहीं देने पर उसने घर में रखी टांगी से उनके सिर पर वार कर दिया. हमले के बाद तेतरी देवी जमीन पर गिर गयीं. इसके बाद आरोपी ने हसुआ से उनकी गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी.

हत्या छिपाने के लिए शव खेत में फेंका

मां की मौत के बाद आरोपी ने घटना को छिपाने की कोशिश की. उसने शव को घर से बाहर निकालकर बगल के खेत में फेंक दिया. इसके बाद घर में लगे खून के धब्बों को गोबर और पानी से साफ किया. हत्या में इस्तेमाल टांगी और हसुआ को भी पानी से धो दिया.

ग्रामीणों ने खेत में देखा खून से लथपथ शव

कुछ देर बाद ग्रामीणों की नजर घर के बगल खेत में पड़ी. वहां तेतरी देवी का शव खून से लथपथ पड़ा था. ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना घाघरा पुलिस को दी. सूचना मिलते ही एसआई विकास कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे.

पूछताछ के बाद आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने घटनास्थल पर जांच के बाद आरोपी पुत्र परदेसिया महतो को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया है. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >