ब्लड बैंक खुलने के मिले संकेत, तीन दिनों में सुचारू होगी व्यवस्था

चाइबासा की घटना के बाद ऑडिट के कारण आठ माह से बंद था ब्लड बैंक

गुमला. चाइबासा सदर अस्पताल में एक मरीज को एचआइवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ाये जाने के गंभीर मामले के बाद झारखंड सरकार ने राज्यभर के ब्लड बैंकों की सुरक्षा और व्यवस्था सुधारने के लिए व्यापक ऑडिट शुरू किया था. इस जांच और प्रक्रिया के तहत गुमला का ब्लड बैंक पिछले आठ महीनों से बंद पड़ा था, जिससे स्थानीय मरीजों और उनके परिजनों को खून के लिए परेशानी झेलनी पड़ी. सिविल सर्जन डॉ शंभूनाथ चौधरी ने आधिकारिक आश्वासन दिया है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर गुमला ब्लड बैंक सुचारू रूप से चालू हो जायेगा.

खून के अभाव में जा चुकी है जान

ब्लड बैंक बंद होने का सबसे खौफनाक असर तब देखने को मिला था, जब चैनपुर प्रखंड के हर्रा टींगटांगर निवासी जद्दू चीक बड़ाइक की मौत सिर्फ इसलिए हो गयी थी. क्योंकि उन्हें समय पर ब्लड नहीं मिल पाया था और रिम्स (रांची) ले जाने के दौरान उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था.

अनशन के बाद प्रशासनिक संज्ञान

अस्पताल की बदहाली और संवेदनहीनता के खिलाफ झारखंड चेंबर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने लिखित आवेदन सरकार के अलावा झारखंड चेंबर को सौंपे थे. इसके अलावा झारखंड प्रदेश प्रतिज्ञा महिला जिला एसोसिएशन की अध्यक्ष देवकी देवी ने मोर्चा खोलते हुए सदर अस्पताल के मुख्य गेट पर आमरण अनशन शुरू कर दिया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत रेस हुआ, जिससे अब ब्लड बैंक शुरू होने जा रहा है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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