गुमला. कृषि विज्ञान केंद्र गुमला विकास भारती बिशुनपुर में आयोजित 15 दिवसीय उर्वरक अनुज्ञप्ति पात्रता प्रशिक्षण सह समेकित पोषक तत्व प्रबंधन प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम का सोमवार को समापन हुआ. प्रशिक्षण में 42 प्रतिभागियों ने भाग लिया. इसमें गुमला के 30, लोहरदगा के आठ, लातेहार के तीन और रांची के एक प्रतिभागी शामिल थे.
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ नीरज कुमार वैश्य ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान 32 सैद्धांतिक कक्षाओं, 10 प्रायोगिक सत्रों और प्रक्षेत्र भ्रमण के माध्यम से प्रतिभागियों को मृदा नमूना संग्रह, मृदा परीक्षण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा संतुलित एवं वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग की जानकारी दी गयी.
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को किसानों की समस्याओं के अनुरूप खेत स्तर पर उचित पोषक तत्व प्रबंधन की सलाह देने में सक्षम बनाना है. समापन सत्र में पूर्व वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ संजय पाण्डेय ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से क्षेत्र में कृषि सामग्री की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री समय पर मिल सकेगी. डॉ बृजेश पाण्डेय ने स्वस्थ मिट्टी को टिकाऊ कृषि की आधारशिला बताते हुए वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की अपील की.
