नागपुरी संस्कृति मंच का पुनर्गठन, संरक्षक शकुंतला व अध्यक्ष अवधमणी बने

गुमला प्रखंड के टैसेरा स्थित द हैरिटेज फाउंडेशन परिसर में रविवार को नागपुरी संस्कृति मंच गुमला द्वारा नागपुरी भाषा के विकास विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया.

6 गुम 34 में चुने गये पदाधिकारी 6 गुम 35 में बैठक में मंच के लोग प्रतिनिधि, गुमला गुमला प्रखंड के टैसेरा स्थित द हैरिटेज फाउंडेशन परिसर में रविवार को नागपुरी संस्कृति मंच गुमला द्वारा नागपुरी भाषा के विकास विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया. इस दौरान मंच का पुनर्गठन किया गया. जिसमें संरक्षक शकुंतला मिश्र, प्रभु साहू, कलिंद्र साहू, डोमन राम, अध्यक्ष अवधमणी पाठक, उपाध्यक्ष मनोहर मोहंती, सुरेश सिंह, राम लखन गोप, सचिव रामनाथ साहू, कोषाध्यक्ष पंकज राम, सह सचिव बालेश्वर बड़ाइक, संस्कृति प्रभारी महावीर साहू को मनोनीत किया गया. मंच की संस्थापिका सचिव डॉक्टर शकुंतला मिश्र ने कहा कि गुमला जिला नागपुरी का गढ़ है. यह आदिवासी और मूलवासी सदानों को जोड़ने वाली कड़ी है जो भाषा लगभग दो हजार तक नागवंशी राज्य में छोटानागपुर की राजभाषा रही है. वह आज संक्रमण के दौर से गुजर रही है. आवश्यकता है. इसे विकास के लिये कृत संकल्प होने का. अवधमणी पाठक ने कहा कि नागपुरी भाषा को झारखंड राज्य की राजभाषा घोषित करने के साथ ही इसे आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए मंच की ओर से विज्ञप्ति जारी की जायेगी. डोमन राम ने कहा कि अभी भी गुमला जिला के कलाकार अन्य राज्यों में भी अपनी कला को लोहा मनवा रहे है. मौके पर निर्मल सिंह, डोमन राम, महावीर साहू, खुशमन नायक, कलिंद्र साहू, सुरेश सिंह, शंकर सिंह, रजनी कुमारी, पंकज राम, सुधा मिश्र, मंकर महली, रिवंद्र गोप, शिवचरण साहू, फूलचंद साहू, दीपक बड़ाइक, बालेश्वर बड़ाइक, कार्तिक बड़ाइक, मेघनाथ मुंडा, रामेश्वर मिंज, रामनाथ साहू समेत अन्य मौजूद थे.

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Author: VIKASH NATH

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