युगों बाद जन्म लेते हैं अलबर्ट एक्का जैसे महान सपूत : फादर अगस्तुस

युगों बाद जन्म लेते हैं अलबर्ट एक्का जैसे महान सपूत : फादर अगस्तुस

चैनपुर. शहीद अलबर्ट एक्का के शहादत दिवस पर परमवीर अलबर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज चैनपुर में बुधवार को कार्यक्रम हुआ. प्राचार्य फादर अगस्तुस एक्का ने कहा कि परमवीर अलबर्ट एक्का जैसे महान सपूत युगों बाद जन्म लेते हैं. 1971 के भारत-पाकिस्तान के युद्ध में उसने अपनी जान की परवाह किये बिना गंगासागर युद्ध में पाकिस्तानी सेना व दुश्मनों के होश उड़ा दिये. इस दौरान भारत व मातृभूमि की रक्षा में वे तीन दिसंबर 1971 को वीरगति को प्राप्त किये. शहीद अलबर्ट एक्का की देशभक्ति, समर्पण व बहादुरी से लड़ी गयी रणनीतिक युद्ध के बल पर भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह पराजित किया. इस युद्ध में बांग्लादेश एक अलग देश बना. बांग्लादेश को एक अलग देश बनाने में भारत ने महत्वपूर्ण योगदान दिया. मरणोंपरांत उन्हें सर्वश्रेष्ठ सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया. उसके नाम डाक टिकट व गुमला जिले में एक प्रखंड को अलबर्ट एक्का जारी नाम से रखा गया. उनके नाम पर त्रिपुरा में लांस नायक अलबर्ट एक्का मेमोरियल स्मारक पार्क स्थापित किया गया है. कार्यक्रम को डॉक्टर अजीता गुलाब मिंज ने भी संबोधित किया. छात्र-छात्राओं के बीच क्विज, संगीत व पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गयी.

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