कामडारा. कामडारा प्रखंड में एक्सपायरी हो चुकी जीवन रक्षक दवाइयों के वितरण का मामला सामने आया है, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है. जानकारी के अनुसार प्रखंड के सालेगुटू गांव स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में होली अवकाश से दो दिन पहले एक स्वास्थ्य सहिया द्वारा स्कूली बच्चों के बीच एक्सपायरी ओआरएस पाउच बांटे गये. इस मामले की जानकारी मिलने पर प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष अजीत केरकेट्टा सालेगुटू पहुंच स्थिति की जानकारी ली. हालांकि शुक्रवार को विद्यालय बंद रहने के कारण उन्होंने आसपास के ग्रामीणों और उन बच्चों से पूछताछ की, जो सरस्वती शिशु मंदिर सालेगुटू में पढ़ते हैं. ग्रामीणों और बच्चों ने बताया कि उन्हें ओआरएस घोल के पाउच दिये गये थे. जब पाउच की जांच की गयी, तो उस पर बैच नंबर ओआर-45, मैन्युफैक्चरिंग डेट 3/24 और एक्सपायरी डेट 2/26 अंकित पाया गया. यह देख कर श्री केरकेट्टा ने संबंधित स्वास्थ्य सहिया ललिता देवी से फोन पर बातचीत की. ललिता देवी ने बच्चों के बीच ओआरएस पाउच बांटे जाने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि बच्चों को इसके बारे में जानकारी दे दी गयी थी. उन्होंने बताया कि यह ओआरएस उन्हें हेल्थ सेंटर से मिला था. इसके बाद स्वास्थ्य उपकेंद्र सालेगुटू में जाकर दवा स्टॉक पंजी की जांच की गयी, लेकिन वहां उक्त बैच नंबर के ओआरएस पाउच की कोई इंट्री नहीं मिली. वहीं सीएचसी कामडारा के दवा भंडार में भी जब बैच नंबर ओआर-45 और एक्सपायरी डेट 2/26 वाले ओआरएस पाउच के बारे में पड़ताल की गयी, तो पता चला कि 29 नवंबर 2024 को सीएचसी कामडारा द्वारा सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों को एक-एक हजार ओआरएस पाउडर पाउच वितरित किये गये थे, जिनकी वैधता अब समाप्त हो चुकी है. इसके बावजूद एक्सपायरी ओआरएस का वितरण किया जाना स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही को दर्शाता है.
स्कूली बच्चों को बांटे गये एक्सपायरी ओआरएस पाउच, जांच के आदेश
सालेगुटू के सरस्वती शिशु मंदिर में स्वास्थ्य सहिया द्वारा किया गया वितरण
