गुमला. उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग अंतर्गत जिले के निजी विद्यालयों के शैक्षणिक प्रदर्शन एवं विभिन्न इंडिकेटरों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा जिले के विभिन्न शैक्षणिक आंकड़ों एवं निर्धारित इंडिकेटरों के आधार पर निजी विद्यालयों के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गयी. जिले की शिक्षा संबंधी राज्य स्तरीय रैंकिंग में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने पर उपायुक्त ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि जिले के शैक्षणिक इंडिकेटरों में कमजोर प्रदर्शन की स्थिति चिंताजनक है तथा इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है. उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. वहीं बैठक में स्टूडेंट प्रोफाइल, स्कूल प्रोफाइल, टीचर प्रोफाइल, यू-डायस आदि के आंकड़े, ड्रॉपबॉक्स में दर्ज बच्चों की स्थिति, आधार एवं अपार आईडी सहित विद्यालयों में उपलब्ध पेयजल एवं शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गयी.
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आधार उपलब्ध सभी विद्यार्थियों का अपार आईडी निर्माण अभियान चलाकर आगामी 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कराया जाये. उन्होंने ड्रॉपबॉक्स में दर्ज बच्चों की स्थिति की भी गंभीरता से समीक्षा करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर इसकी संख्या शून्य करने का निर्देश दिया. साथ ही विद्यालय स्तर पर छात्र, शिक्षक एवं विद्यालय से संबंधित सभी प्रोफाइल तथा आंकड़ों को अद्यतन एवं त्रुटिरहित रखने पर विशेष जोर दिया.
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय सर्वेक्षण तथा एक पेड़ मां के नाम अभियान की भी समीक्षा में उपायुक्त ने सभी संबंधित विद्यालयों को निर्देश दिया कि दोनों कार्यों को एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करते हुए संबंधित आंकड़ों एवं गतिविधियों को पोर्टल पर अद्यतन करें. विद्यालयों में उपलब्ध पेयजल सुविधा तथा बालक एवं बालिका शौचालयों की स्थिति की समीक्षा में उपायुक्त ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी स्वीकार्य नहीं होगी.
जिन विद्यालयों में पेयजल अथवा शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है या सुविधाएं मानक के अनुरूप नहीं हैं. वहां बच्चों के हित में तत्काल आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें. उपायुक्त ने सभी बीपीओ को निर्देश दिया कि शिक्षा विभाग के निर्देशों का अनुपालन नहीं करने वाले तथा निर्धारित कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा नहीं करने वाले निजी विद्यालयों को चिन्हित किया जाये. ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए स्पष्ट प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि लगातार लापरवाही एवं निर्देशों की अवहेलना करने वाले निजी विद्यालयों के विरुद्ध यू-डायस समाप्त करने तथा मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. शिक्षा विभाग को जिले में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को चिन्हित कर उनके संबंध में आवश्यक कार्रवाई हेतु संचिका उपायुक्त स्तर पर प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया.
उपायुक्त ने सभी निजी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इस माह सभी शैक्षणिक इंडिकेटरों में ठोस एवं मापनीय सुधार दिखायी देना चाहिये. विद्यालयों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जायेगी. अपेक्षित सुधार नहीं होने की स्थिति में संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. उपायुक्त ने कहा कि जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल आंकड़ों में सुधार तक सीमित नहीं होना चाहिये. विद्यालयों में वास्तविक शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, छात्र-शिक्षक एवं विद्यालय प्रोफाइल की शत-प्रतिशत पूर्णता, डिजिटल पहचान से संबंधित कार्यों की पूर्णता तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सभी संबंधितों की सामूहिक जिम्मेदारी है.
उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निर्धारित मानकों की पूर्ति के साथ-साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, एडीपीओ ज्योति खलखो, बीपीओ दिलदार सिंह, फील्ड मैनेजर रामचंद्र सिंह सहित जिले के सभी बीपीओ एवं संबंधित निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित थे.
