समाज के अंतिम व्यक्ति तक ईश्वर के प्रेम को पहुंचाने के माध्यम हैं पुरोहित : बिशप
आरसी चर्च नवाडीह में जॉन फाबियानुस एक्का व फ्रांसिस जेवियर मिंज का हुआ पुरोहिताभिषेक
डुमरी. आरसी चर्च नवाडीह में गुरुवार को पावन पुरोहिताभिषेक समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में आध्यात्मिक वातावरण में डिकन जॉन फाबियानुस एक्का व डिकन फ्रांसिस जेवियर मिंज का पावन पुरोहिताभिषेक किया गया. मुख्य अनुष्ठाता गुमला धर्मप्रांत के बिशप पिंगल लिनुस एक्का ने मिस्सा समारोह में धार्मिक विधियों के बीच दोनों पुरोहितों का पुरोहिताभिषेक कराया. मौके पर बिशप ने पुरोहिताई जीवन के महत्व, उसकी जिम्मेदारियों व त्याग पूर्ण स्वरूप पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पुरोहिताई जीवन केवल एक जीवन नहीं है, बल्कि सेवा, समर्पण व प्रेम से परिपूर्ण जीवन है. पुरोहित का मुख्य दायित्व ईश्वर और ख्रीस्तीयों के बीच सेतु बनना तथा प्रार्थना व सुसमाचार के माध्यम से लोगों को ईश्वर से जोड़े रखना है. उन्होंने नव अभिषिक्त पुरोहितों से गरीबों, दीन-दुखियों व वंचितों की सेवा करने, पीड़ित मानवता के बीच ईश्वर के सुसमाचार को लेकर जाने और समाज में प्रेम, करुणा व भाईचारे का संदेश फैलाने का आह्वान किया. कहा कि एक सच्चा पुरोहित समाज के अंतिम व्यक्ति तक ईश्वर के प्रेम को पहुंचाने का माध्यम बनता है. गरीबों, वंचितों, पीड़ितों व युवाओं के बीच सेवा करना ही सच्ची आध्यात्मिकता है. बिशप ने कहा कि आज के समय में जब समाज नैतिक व मानवीय मूल्यों से भटक रहा है, तब पुरोहितों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है. एक पुरोहित अपने आचरण, वाणी व सेवा से समाज को सही दिशा देने का कार्य करता है. बिशप ने नव अभिषिक्त पुरोहितों को ईमानदारी, विनम्रता व पूर्ण समर्पण के साथ मिशनरी जीवन की शुरुआत करने व समाज के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा बनने की बात कही. समारोह में फादर पिंगल कुजूर, फादर देवनीश तिर्की, फादर अजय, फादर एरेनियुस, फादर जेवियर, फादर जूनस, फादर फिलमोन, फादर जॉनमसीह, फादर पवन, फादर अगुस्टीन, फादर सुमन, फादर एलेक्जेंडर, फादर आलोक, सिस्टर बेरनासिया, सिस्टर फ्लोरा, सिस्टर सिलीबिया, सिस्टर मनीषा, सिस्टर भलेरिया, सिस्टर सोनम, सिस्टर पुष्पा आदि शामिल थे.
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