Gmla Nagar Parishad: शहर के विकास और बंद पड़ी योजनाओं को लेकर शुरू किया गया गुमला नगर परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षदों का आंदोलन महज 24 घंटे के अंदर वापस ले लिया गया. नगर परिषद कार्यालय में की गयी तालाबंदी के कारण आम लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए शुक्रवार को कार्यालय का ताला खोल दिया गया. अध्यक्ष शकुंतला उरांव, उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी और वार्ड पार्षदों ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए फिलहाल आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया है. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि आंदोलन शहर के विकास के लिए शुरू किया गया था, लेकिन यदि इससे जनता को ही परेशानी हो तो आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल खड़ा होना स्वाभाविक है.
नगर परिषद कार्यालय से बैरंग लौट रहे थे लोग
गुमला एसआइआर सहित नगर परिषद से जुड़े विभिन्न कार्यों को लेकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कार्यालय पहुंचते हैं. तालाबंदी के बाद लोगों का काम पूरी तरह प्रभावित होने लगा था. जरूरी दस्तावेज और नगर परिषद से संबंधित अन्य कार्य कराने पहुंचे लोगों को कार्यालय बंद मिलने के कारण बैरंग लौटना पड़ रहा था. जनप्रतिनिधि तालाबंदी के दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद थे और उन्होंने लोगों की परेशानी को करीब से देखा. इसके बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और वार्ड पार्षदों ने आपसी सहमति से कार्यालय का ताला खोलने और आंदोलन तत्काल वापस लेने का निर्णय लिया.
हम जनता के लिए यहां बैठे हैं : शकुंतला उरांव
नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने कहा कि गुमला शहर का विकास रोके जाने के कारण आंदोलन करने का निर्णय लिया गया था. लेकिन तालाबंदी के बाद आम लोगों को नगर परिषद से जुड़े काम कराने में परेशानी होने लगी. उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें चुनकर नगर परिषद भेजा है और जनप्रतिनिधियों की पहली जिम्मेदारी जनता के हितों की रक्षा करना है.
अध्यक्ष ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों के किसी निर्णय के कारण जनता को परेशानी होती है तो यह उचित नहीं है. तालाबंदी के दौरान कई लोग अपने जरूरी काम के लिए नगर परिषद कार्यालय पहुंचे, लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ा. लोगों की परेशानी को देखते हुए तालाबंदी वापस लेने का फैसला किया गया. उन्होंने कहा कि जनता का काम किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होना चाहिए.
बंद पड़ी योजनाओं को चालू करने का मिला आदेश
अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने बताया कि जिन योजनाओं को प्रशासन के मौखिक आदेश पर बंद कराया गया था, उन्हें दोबारा शुरू करने का आदेश दे दिया गया है. नगर परिषद की करीब 32 योजनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन शुरू किया था. इन योजनाओं के बंद होने से शहर के विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे. योजनाओं को फिर से चालू करने की सूचना मिलने के बाद आंदोलन वापस लेने का रास्ता साफ हुआ.
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी या प्रशासन से व्यक्तिगत टकराव नहीं है. आंदोलन का मुख्य उद्देश्य शहर में विकास कार्यों को गति देना और बंद योजनाओं को शुरू कराना था. अब योजनाओं के संचालन को लेकर सकारात्मक पहल होने के बाद फिलहाल आंदोलन जारी रखने की जरूरत नहीं है.
शहर के विकास के लिए था आंदोलन : रमेश कुमार चीनी
नगर परिषद उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह गुमला शहर के विकास के लिए था. जनप्रतिनिधि चाहते हैं कि शहर सुंदर और व्यवस्थित बने तथा विकास योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि जैसे ही बंद पड़ी योजनाओं को चालू करने की सूचना मिली, सभी जनप्रतिनिधियों ने आपसी सहमति से आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया.
उन्होंने शहरवासियों से नगर परिषद कार्यालय आने और अपने लंबित कार्य कराने की अपील की. कहा कि जनता के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी जायेगी. भविष्य में यदि कोई नगर परिषद के विकास कार्यों को बाधित करने का प्रयास करता है तो इस बार जनता को साथ लेकर बड़ा आंदोलन किया जायेगा.
सामग्री खरीद और कबाड़ बिक्री की हो जांच : मनीष
वार्ड पार्षद मनीष कुमार ने नगर परिषद में सामग्री खरीद और कबाड़ सामग्री की बिक्री की जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि नगर परिषद द्वारा खरीदी गयी सामग्री और बेचे गये कबाड़ से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
32 योजनाओं पर आंदोलन शुरू
उन्होंने कहा कि जिन 32 योजनाओं को लेकर आंदोलन शुरू किया गया था, उस मामले में सभी जनप्रतिनिधियों की सहमति और सामूहिक निर्णय के बाद तालाबंदी वापस ली गयी है. नगर परिषद में जनता के काम प्रभावित न हों, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा. उन्होंने कहा कि वह जनता के साथ हैं और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाते रहेंगे.
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24 घंटे में आंदोलन खत्म, जनता को मिली राहत
नगर परिषद कार्यालय का ताला खुलने के बाद आम लोगों ने राहत की सांस ली है. महज 24 घंटे में तालाबंदी वापस लेने के फैसले से कार्यालय का कामकाज फिर सामान्य होने की उम्मीद है. वहीं, जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल आंदोलन स्थगित किया गया है. शहर के विकास में दोबारा बाधा आने पर जनता को साथ लेकर व्यापक आंदोलन किया जायेगा. फिलहाल नगर परिषद में जनता के काम और शहर की विकास योजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है.
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