गुमला में पुलिस शेड हटाने से सियासी संग्राम, भाजपा-झामुमो आमने-सामने

गुमला के शहीद चौक पर पुलिस शेड हटाकर शिबू सोरेन की प्रतिमा लगाने को लेकर भाजपा और झामुमो आमने-सामने आ गए हैं। प्रशासन की अनुमति पर भी सवाल उठ रहे हैं।

गुमला: शहर के शहीद चौक (टावर चौक) के समीप स्थित पुलिस शेड को हटाये जाने के बाद गुमला में राजनीतिक विवाद गहरा गया है. शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापना को लेकर भाजपा और झामुमो आमने-सामने आ गये हैं. गुरुवार को भाजपा नेताओं और शहरवासियों ने नगर परिषद पहुंचकर मामले में विरोध दर्ज कराया, जबकि झामुमो ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा स्थापना का कार्य सरकार के निर्देश पर किया जा रहा है.

इधर, पुलिस शेड हटाये जाने की सूचना मिलने पर नगर परिषद और भाजपा के कई नेता शहीद चौक पहुंच स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान मौके पर मौजूद झामुमो नेता अनवर और भाजपा नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई. झामुमो नेता अनवर ने कहा कि झारखंड के महान नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्थल पर खुदाई की गयी है.

उन्होंने बताया कि प्रतिमा स्थापना के बाद पुलिस शेड का नये सिरे से निर्माण कराया जायेगा. वहीं भाजपा नेताओं का कहना था कि यह स्थल शहीद चौक के नाम से जाना जाता है, जहां राष्ट्रीय पर्व और अन्य विशेष अवसरों पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाती है. साथ ही यहां स्थित पुलिस शेड शहर की सुरक्षा, गश्त और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण था. भाजपा का आरोप है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के पुलिस शेड को तोड़ दिया गया.

नगर परिषद अध्यक्ष और इओ को सौंपा ज्ञापन

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय कुमार मिश्रा, चितरंजन मिश्रा, सरजू प्रसाद साहू, भोलानाथ दास, हरिहर कुमार, चंदू सिंह, भीम शंकर, निर्मल कुमार, राम कैलाश सिंह, शशि प्रिया, दामोदर कसेरा, अरविंद मिश्रा, प्रमोद सिंह, कंचन सिंह, दिनेश सिंह, रंजीत सोनी, दिनेश चौधरी, शंभू नायक, अनंत कुमार समेत कई लोग नगर परिषद कार्यालय पहुंचे.

उन्होंने नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव और कार्यपालक पदाधिकारी (इओ) मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए कथित अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग की. ज्ञापन में कहा गया कि पुलिस शेड हटाकर जिस स्थान पर निर्माण कराया जा रहा है, उससे सामाजिक असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

लोगों का कहना था कि पुलिस शेड के कारण चौक पर लगातार पुलिस की मौजूदगी रहती थी, जिससे शहर में कानून-व्यवस्था बनी रहती थी.

वरीय अधिकारियों के आदेश पर हो रहा काम : इओ

भाजपा नेताओं ने नगर परिषद अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी से पूछा कि पुलिस शेड हटाने और प्रतिमा स्थापना का आदेश किस स्तर से मिला है. इस पर अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही.

वहीं कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि उन्हें भी इसकी पूर्व जानकारी नहीं थी. उन्होंने बताया कि शहीद चौक से गुजरने के दौरान निर्माण कार्य देखकर नगर परिषद की टीम को जांच के लिए भेजा गया था, जहां पता चला कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रतिमा स्थापित की जा रही है.

एनओसी या अनुमति के सवाल पर इओ ने कहा कि नगर परिषद से किसी प्रकार की स्वीकृति या अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लिया गया है. उन्होंने कहा कि यह कार्य वरीय अधिकारियों के निर्देश पर कराया जा रहा है और इस मामले में वे कुछ नहीं कर सकते.

शहीद चौक पहुंचीं अध्यक्ष, निर्माण कार्य रुकवाने का निर्देश

नगर परिषद कार्यालय से निकलने के बाद शहरवासियों के आग्रह पर अध्यक्ष शकुंतला उरांव शहीद चौक पहुंचीं. उन्होंने निर्माण कार्य कर रहे मजदूरों से जानकारी ली, लेकिन मजदूर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके. इसके बाद अध्यक्ष ने तत्काल निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया.

प्रतिमा स्थल को लेकर भी उठे सवाल

इस दौरान झामुमो नेता भी मौके पर पहुंच गये, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. शहरवासियों ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड के सम्मानित नेता हैं, लेकिन शहीद चौक के एक छोटे से कोने में उनकी प्रतिमा स्थापित करना उचित नहीं है. लोगों ने यह भी कहा कि यह स्थल वर्षों से शहीद चौक के नाम से जाना जाता है और यहां प्रतिमा स्थापना के बाद चौक के नामकरण को लेकर भी विवाद उत्पन्न हो सकता है.

वहीं झामुमो नेताओं ने दोहराया कि निर्माण कार्य सरकार के आदेश पर कराया जा रहा है और यदि किसी को आपत्ति है, तो वह सरकार से इस संबंध में सवाल करे. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक तीखी बहस भी हुई. फिलहाल नगर परिषद अध्यक्ष ने निर्माण कार्य पर रोक लगाने का निर्देश दिया है. मामले को लेकर शहर में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा तेज हो गयी है.


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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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